एग्रीवेट: Ayodhya Deepotsav 2026: राम नगरी में मनाया जाने वाला दीपोत्सव न सिर्फ अयोध्या को रोशन कर रहा है, बल्कि इससे स्थानीय लोगों की कमाई के रास्ते भी खुल रहे हैं. मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हारों से लेकर किसानों और छोटे दुकानदारों तक, इस त्योहार से कई परिवारों को रोजगार मिल रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दीपोत्सव के इसी पहलू को सामने रखा है. उनका कहना है कि, अयोध्या में जलने वाला हर दीया किसी न किसी परिवार की मेहनत और रोजी-रोटी से जुड़ा है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अयोध्या पहुंचने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए दीपोत्सव की अहमियत बताई. उन्होंने कहा कि, अयोध्या का भव्य दीपोत्सव लोगों की आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय कारोबार को भी नई रफ्तार दे रहा है.
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सीएम योगी के मुताबिक, दीपोत्सव के कारण मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हारों को रोजगार मिल रहा है. वहीं, किसानों की उपज और छोटे दुकानदारों के कारोबार को भी इससे फायदा पहुंच रहा है. लाखों दीयों से अयोध्या को सजाने की तैयारी में बड़ी संख्या में लोगों की मेहनत शामिल होती है. इससे त्योहार के साथ-साथ स्थानीय बाजार में भी रौनक बढ़ती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दीपोत्सव को भव्य रूप दिया गया है. आज यह आयोजन कुम्हारों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए कमाई के नए अवसर पैदा कर रहा है. जिस दीये से अयोध्या जगमगाती है, उसी से किसी मेहनतकश परिवार के घर में खुशहाली की उम्मीद भी पहुंचती है. प्रदेश सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर को एक लाख दीयों से सजाया और रोशन किया जाएगा. इस खास आयोजन से पूरे मंदिर परिसर में दीपों की जगमगाहट देखने को मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में 2017 से पहले के समय का जिक्र करते हुए कहा कि, उस समय में अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और यहां की संभावनाओं को स्थानीय कारीगरों, किसानों और छोटे व्यापारियों की कमाई से जोड़ने की दिशा में जरूरी पहल नहीं हुई थी. उनके मुताबिक, उस समय धार्मिक आयोजनों के जरिए लोगों को रोजगार और कारोबार के नए मौके देने की सोच पर पर्याप्त ध्यान ही नहीं दिया गया था.
उन्होंने कहा कि, डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है. अब दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजन के जरिए आस्था के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को भी जोड़ा जा रहा है. इससे छोटे कामगारों और कारोबारियों को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है.
श्री अयोध्या धाम का भव्य दीपोत्सव आस्था के साथ आर्थिकी को भी नई ऊर्जा दे रहा है। यहां प्रज्वलित हर दीप किसी कुम्हार के श्रम, किसी किसान की उपज और किसी परिवार की आजीविका को नया प्रकाश दे रहा है।
लेकिन वर्ष 2017 के पूर्व यह प्रकाश नहीं था। राम नगरी की अपार सांस्कृतिक संभावनाओं को स्थानीय कारीगरों, किसानों और छोटे व्यापारियों की समृद्धि से जोड़ने की कोई पहल नहीं हुई। आस्था के सामर्थ्य को आजीविका के नए अवसरों में बदलने की सोच का पूर्णतः अभाव था। डबल इंजन सरकार ने इस अंधकार को दूर किया।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी मार्गदर्शन में लाखों दीपों से आलोकित होने वाला भव्य दीपोत्सव आज कुम्हारों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के लिए काम एवं कारोबार के नए अवसर सृजित कर रहा है। जिस दीये से राम नगरी जगमगाती है, उसी से किसी श्रमशील परिवार के घर में खुशहाली की उम्मीद भी जागती है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 2, 2026
वहीं, सोमवार सुबह गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोवंश के प्रति स्नेह भी देखने को मिला. मंदिर की गोशाला पहुंचकर उन्होंने गायों को अपने हाथों से गुड़ और रोटी खिलाई. इस दौरान कई गोवंश उनके पास आने लगे. मुख्यमंत्री ने उन्हें प्यार से दूसरी ओर जाने को कहा, ताकि किसी को चोट न लगे. इसके बाद उन्होंने सभी को दुलारते हुए गुड़-रोटी खिलाई.