एग्रीवेट: Sugarcane Farmers: हरियाणा में गन्ने की कीमत बढ़ाने को लेकर किसानों का गुस्सा एक बार फिर सामने आया है. राज्य सरकार ने हाल ही में गन्ने के दाम में 15 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का ऐलान किया था. इसके बाद भी किसान इस फैसले से खुश नहीं हैं. किसानों और किसान संगठनों का कहना है कि इतनी कम बढ़ोतरी से उनकी लागत भी ठीक से नहीं निकल पाएगी.
इसी मांग को लेकर अब प्रदेशभर के किसान 5 नवंबर को कुरुक्षेत्र में महापंचायत करने जा रहे हैं. इस महापंचायत में गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग उठाई जाएगी. किसानों ने साफ कहा है कि अगर सरकार उनकी मांग पर ध्यान नहीं देती है, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है.
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महापंचायत का फैसला अंबाला में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) और गन्ना किसान संघर्ष समिति की बैठक के बाद लिया गया. बैठक में दोनों किसान संगठनों ने सरकार की ओर से घोषित गन्ने के नए रेट पर नाराजगी जताई. संगठनों का कहना है कि, मौजूदा हालात में गन्ने की खेती करना किसानों के लिए लगातार मुश्किल होता जा रहा है. किसानों के मुताबिक, सरकार ने इस सीजन के लिए गन्ने का भाव 15 रुपये बढ़ाकर 430 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. लेकिन किसान इसे नाकाफी मान रहे हैं. उनकी मांग है कि गन्ने की कीमत बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल की जाए.
राज्य सरकार के ऐलान के मुताबिक, गन्ने का भाव इस सीजन में 430 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा. वहीं, 2027-28 के सीजन में इसे बढ़ाकर 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की बात कही गई है. लेकिन किसान संगठनों का कहना है कि अगले सीजन में मिलने वाली बढ़ोतरी भी उनकी मांग से काफी कम है.
गन्ना किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद राणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, अगर किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिला, तो अगले सीजन में गन्ने की बुवाई पर भी असर पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि हरियाणा में पहले से ही गन्ने की खेती का रकबा घट रहा है. ऐसे में सरकार का यह फैसला किसानों को दूसरी फसलों की ओर जाने के लिए मजबूर कर सकता है.
किसान संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन के तहत चीनी मिलों का बहिष्कार किया जा सकता है. इसके साथ ही मिलों के गेट पर ताला लगाने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं. भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने कहा कि, संगठन सरकार को पत्र लिखकर किसानों की नाराजगी बताएगा. उन्होंने मांग की कि सरकार गन्ने के दाम में की गई बढ़ोतरी को वापस लेकर किसानों की मांग के मुताबिक 600 रुपये प्रति क्विंटल भाव तय करे.
गुरनाम सिंह ने यह भी कहा कि अगर सरकार की ओर से कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो अलग-अलग इलाकों के किसान संगठन मिलकर आगे की रणनीति बनाएंगे. अब सबकी नजर 5 नवंबर को कुरुक्षेत्र में होने वाली महापंचायत पर है.