एग्रीवेट: इस बार शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी 19 अक्टूबर, सोमवार को मनाई जाएगी. इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है. मान्यता है कि उनकी पूजा करने से घर में सुख-शांति आती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
इस साल तिथियों के संयोग के कारण महाअष्टमी और महानवमी दोनों 19 अक्टूबर को ही मनाई जाएंगी. महानवमी पर मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. इस दिन कई श्रद्धालु नौ दिनों की पूजा-अर्चना पूरी करते हैं.
नवरात्रि में कन्या पूजन का खास महत्व है. इस दिन छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनके पैर धोए जाते हैं और उन्हें भोजन कराया जाता है. जो श्रद्धालु अष्टमी पर कन्या पूजन करते हैं, वे 19 अक्टूबर को पूजा करेंगे. नवमी के दिन कन्या पूजन करने वाले भी इसी तारीख को यह परंपरा निभाएंगे.
महाअष्टमी के दिन मां महागौरी को हलवा, पूड़ी और चने का भोग लगाने की परंपरा है. कई घरों में इस दिन विशेष पूजा और हवन भी किया जाता है. श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार मां की पूजा करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.
महानवमी के दिन कई श्रद्धालु हवन और कन्या पूजन करने के बाद नौ दिनों के व्रत का पारण करते हैं. हालांकि, व्रत खोलने का तरीका हर परिवार में अलग हो सकता है. इसलिए श्रद्धालु अपने घर की परंपरा और पूजा के नियमों के अनुसार व्रत का पारण कर सकते हैं.