एग्रीवेट: प्रधानमंत्री Surya Ghar Yojana Delhi 2026: दिल्ली में अब घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली का खर्च कम करने का मौका मिल रहा है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत दिल्ली के लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू किया. 21 सितंबर 2026 से दिल्ली सरकार के सोलर पोर्टल पर आवेदन की सुविधा उपलब्ध है. सरकार का लक्ष्य दिल्ली के 2.25 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का है.
योजना के तहत आवेदन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आगे बढ़ाए जाएंगे. सरकार का कहना है कि इससे लोगों को बिजली के खर्च में राहत मिलने के साथ दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी.
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घरों में सोलर सिस्टम लगाने पर केंद्र सरकार सब्सिडी देती है. दिल्ली के आधिकारिक सोलर पोर्टल के मुताबिक, पहले 2 किलोवाट क्षमता तक 30,000 रुपये प्रति किलोवाट की केंद्रीय सब्सिडी मिलती है. इसके बाद अतिरिक्त 1 किलोवाट क्षमता के लिए 18,000 रुपये प्रति किलोवाट की सब्सिडी का प्रावधान है.
इस हिसाब से 3 किलोवाट या उससे ज्यादा क्षमता वाले सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार से अधिकतम 78,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है. इसके अलावा, दिल्ली सरकार की सोलर पॉलिसी के तहत घरों में सोलर पैनल लगाने पर राज्य सरकार भी आर्थिक मदद देती है. इसमें 10,000 रुपये प्रति किलोवाट तक की सब्सिडी मिल सकती है, जिसकी अधिकतम सीमा 30,000 रुपये है. राष्ट्रीय पोर्टल के जरिए आवेदन करने वाले लोगों को राज्य की यह सब्सिडी डीबीटी के जरिए सीधे उनके खाते में दी जाएगी.
घर की छत पर सोलर पैनल लगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि परिवार अपनी बिजली की जरूरत का कुछ हिस्सा खुद पूरा कर सकता है. इससे बाहर से यानी ग्रिड से कम बिजली लेनी पड़ेगी और बिजली के बिल में बचत हो सकती है. दिल्ली की सोलर पॉलिसी में 3 किलोवाट तक के घरों के सोलर सिस्टम के लिए 3 रुपये प्रति यूनिट का जनरेशन-बेस्ड इंसेंटिव यानी GBI भी दिया जाता है. हालांकि, किसी घर में कितनी बचत होगी, यह उसकी बिजली की खपत, सोलर सिस्टम की क्षमता और उससे बनने वाली बिजली पर निर्भर करेगा.
सोलर पैनल लगवाने से पहले यह देखना जरूरी है कि घर की छत पर पर्याप्त जगह है या नहीं. दिल्ली सरकार के सोलर पोर्टल पर उपलब्ध कैलकुलेटर के मुताबिक, करीब 1 किलोवाट के सोलर प्लांट के लिए लगभग 100 वर्ग फुट छत की जगह की जरूरत हो सकती है. पोर्टल पर लोग अपनी बिजली खपत और छत पर उपलब्ध जगह की जानकारी डालकर संभावित सोलर क्षमता, सब्सिडी, अनुमानित बचत और पेबैक अवधि का भी अंदाजा लगा सकते हैं.
दिल्ली सरकार का लक्ष्य योजना के तहत 2.25 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का है. इसके साथ ही दिल्ली की सोलर पॉलिसी के तहत राज्य में 750 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार के मुताबिक, योजना का मकसद सिर्फ लोगों के बिजली बिल का बोझ कम करना नहीं है. इसके जरिए घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाना भी है.
दिल्ली के लोग प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत आवेदन करने के लिए दिल्ली सरकार के आधिकारिक सोलर पोर्टल ( पर जा सकते हैं. पोर्टल पर आवेदन के अलावा सब्सिडी की स्थिति, रूफटॉप सोलर कैलकुलेटर और अधिकृत वेंडरों से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध है. आवेदन से पहले उपभोक्ता अपनी छत की जगह, बिजली की खपत और सोलर सिस्टम की जरूरत का अंदाजा लगा सकते हैं. इससे यह समझने में आसानी होगी कि उनके घर के लिए कितनी क्षमता का सोलर सिस्टम सही रहेगा और संभावित सब्सिडी व बचत कितनी हो सकती है.