एग्रीवेट: Sugarcane Farming: तमिलनाडु के गन्ना किसानों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है. 2025-26 के गन्ना पेराई सीजन में चीनी मिलों को गन्ना बेचने वाले पात्र किसानों को अब हर टन गन्ने पर 709.50 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी. इसके बाद 9.5 फीसदी चीनी रिकवरी वाले गन्ने का कुल भाव 4,000 रुपये प्रति टन हो जाएगा. इस भुगतान के लिए सरकार ने 603.34 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.
केंद्र सरकार ने 9.5 फीसदी चीनी रिकवरी वाले गन्ने के लिए 3,290.50 रुपये प्रति टन का उचित एवं लाभकारी मूल्य यानी FRP तय किया है. अब तमिलनाडु सरकार इसके ऊपर 709.50 रुपये प्रति टन अपनी ओर से देगी. इस तरह किसानों को कुल मिलाकर 4,000 रुपये प्रति टन का भाव मिलेगा. अगर किसी किसान के गन्ने में चीनी की रिकवरी 9.5 फीसदी से ज्यादा है, तो उसे तय नियम के मुताबिक इससे ज्यादा कीमत भी मिल सकती है. यानी गन्ने की रिकवरी जितनी बेहतर होगी, किसान को मिलने वाली रकम भी उसी हिसाब से बढ़ेगी.
सरकार के इस फैसले से करीब 90 हजार गन्ना किसानों को फायदा मिल सकता है. 2025-26 के पेराई सीजन में तमिलनाडु की 29 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई हुई थी. इनमें 12 सहकारी, 2 सरकारी और 15 निजी मिलें शामिल हैं. पात्र किसानों की पहचान के लिए गन्ने की सप्लाई, आधार और बैंक खाते की जानकारी ली गई है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रोत्साहन का पैसा सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जाएगा. यह भुगतान दीपावली के आसपास शुरू होने की संभावना है.
यह अतिरिक्त राशि हर गन्ना किसान को नहीं मिलेगी. इसका फायदा उन्हीं पात्र किसानों को मिलेगा, जिन्होंने 2025-26 के पेराई सीजन में चीनी मिलों को अपना गन्ना बेचा है. खास बात यह है कि यह प्रोत्साहन इसी सीजन में की गई गन्ने की आपूर्ति पर लागू होगा. आगे होने वाली गन्ने की बिक्री के लिए यह भुगतान नहीं दिया जाएगा.
प्रोत्साहन का पैसा किसानों के खाते में भेजने से पहले उनके दावों की जांच होगी. सबसे पहले जिले के जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति किसानों के दावों को देखेगी और अपनी सिफारिश देगी. इसके बाद गन्ना निदेशालय भी इन दावों की जांच करेगा. सभी जांच और मंजूरी पूरी होने के बाद सरकार पैसा जारी करेगी. तमिलनाडु ई-गवर्नेंस एजेंसी किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में पैसा सीधे पहुंचाने में मदद करेगी.