एग्रीवेट: महाराष्ट्र के किसानों का लंबित बिजली बिल के 48 हजार करोड़ रुपये सरकार ने माफ करने की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संभाजीनगर में बृहस्पतिवार सभा में किसानों के बिजली बिल माफ करने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पांच अक्टूबर के बाद फसल नुकसान का सर्वेक्षण कराएगी और राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (एनडीआरएफ) से सहायता मिलने का इंतजार किए बिना किसानों को अपने संसाधनों से वित्तीय मदद उपलब्ध कराएगी. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपति संभाजीनगर के सिद्धार्थ गार्डन में मराठवाड़ा मुक्ति दिवस के अवसर पर सभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा क्षेत्र वर्षों से विकास संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा है और इस साल सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने फसल नुकसान के आकलन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं और नियमों के अनुसार 5 अक्टूबर के बाद पंचनामा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसानों को एनडीआरएफ से सहायता मिलेगी, लेकिन उससे पहले राज्य सरकार अपने कोष से मदद उपलब्ध कराएगी. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री ने किसानों के लंबित 48 हजार करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ करने की भी एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि . उन्होंने कहा कि चारे और पेयजल की कमी की आशंका को देखते हुए सरकार ने आवश्यक इंतजाम किए हैं और किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. मराठवाड़ा मुक्ति दिवस के कार्यक्रम में फडणवीस ने क्षेत्र के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद 13 महीने तक मराठवाड़ा निजाम के शासन में रहा और बाद में यह भारत का हिस्सा बना. उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा क्षेत्र को अब सूखे से मुक्त बनाने के लिए जल परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा में पानी पहुंचाने की पहली चरण की परियोजना पूरी हो चुकी है और विश्व बैंक ने बाढ़ नियंत्रण परियोजना को मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि इससे अतिरिक्त 30 टीएमसी पानी उपलब्ध होगा, जिसे बीड, लातूर और धाराशिव क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा. उन्होंने कहा कि कोंकण से गोदावरी घाटी तक पानी लाने वाली नदी जोड़ो परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट अंतिम चरण में है और इससे करीब 70 टीएमसी पानी उपलब्ध होगा. फडणवीस ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर में औद्योगिक विकास के लिए सरकार 8,000 एकड़ अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण करेगी. उन्होंने कहा कि जेएसडब्ल्यू, टोयोटा और एथर जैसी कंपनियों के निवेश से क्षेत्र को इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी. उन्होंने शहर में यातायात समस्या दूर करने के लिए महाराष्ट्र की सबसे बड़ी एलिवेटेड सड़क बनाने और जालना ड्राई पोर्ट के जरिए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना की भी जानकारी दी.