गेहूं-जौ की बुवाई को लेकर ICAR की नई सलाह जारी, जानें कौन-सी किस्में देंगी अच्छी पैदावार—जानें पूरा मामला – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: भाकृअनुप-भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल (ICAR-IIWBR) ने फसल सीजन 2026-27 के लिए किसानों को कृषि सलाह जारी की है. संस्थान ने किसानों को नवंबर के पहले पखवाड़े यानी 1 से 15 नवंबर के बीच अपने क्षेत्र के अनुसार गेहूं और जौ की बुवाई पूरी करने की सलाह दी है. इसके लिए किसानों को बुवाई का सही समय ध्यान में रखने को कहा गया है. साथ ही संस्थान ने किसानों को जलवायु के अनुसार गेहूं की बेहतरीन किस्मों की बुवाई करने की भी सलाह दी है, ताकि अधिक से अधिक पैदावार हो सके.

संस्थान ने किसानों को सलाह दी है कि वे गेहूं और जौ की बुवाई के लिए अपने क्षेत्र की जलवायु और सिंचाई  की सुविधा के अनुसार सही किस्म का चुनाव करें. इससे फसल का अंकुरण एक समान होगा और पैदावार भी अच्छी मिलेगी. किसानों को सलाह दी गई है कि वे बुवाई के लिए हमेशा भरोसेमंद स्रोतों से प्रमाणित बीज ही खरीदें. साथ ही, अपने इलाके के लिए अनुशंसित किस्मों को ही प्राथमिकता दें.

उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए डीबीडब्ल्यू 187, डीबीडब्ल्यू 303, डब्ल्यूपीसी 1270, डीबीडब्ल्यू 327, डीबीडब्ल्यू 332, पीडब्ल्यूडी 872, डीबीडब्ल्यू 370, डीबीडब्ल्यू 371 और डीबीडब्ल्यू 372 किस्मों की सिफारिश की गई है. ये किस्में सिंचित खेतों में अगेती बुवाई के लिए उपयुक्त हैं.

मध्य क्षेत्र: मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान के उदयपुर व कोटा क्षेत्र के किसान अगेती बुवाई के लिए डीबीडब्ल्यू 187, डीबीडब्ल्यू 303, डीबीडब्ल्यू 327, डीबीडब्ल्यू 445, जेडब्ल्यू 1399 (एमपी 1399), पीडब्ल्यूडी 906, एचडी 3463 और जेडब्ल्यू 543 किस्मों का चयन कर सकते हैं. इन किस्मों की सिफारिश सिंचित खेतों में नवंबर के पहले सप्ताह तक बुवाई के लिए की गई

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