सोयाबीन-कपास के 8 खेतों में गांजा की अवैध खेती का खुलासा, 25 करोड़ के पौधों के साथ चार गिरफ्तार – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: कपास और सोयाबीन के 8 खेतों के बीच छिपाकर गांजा की खेती किए जाने का खुलासा किया गया है. मध्यप्रदेश के धार जिले में पुलिस ने ड्रोन की मदद से बड़े पैमाने पर की जा रही गांजे की अवैध खेती का पर्दाफाश करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधिकारी के अनुसार करीब 6,700 किलोग्राम गांजे की खेती का पता लगाया है, जिसकी कीमत 25 करोड़ रुपये आंकी गई है.

मध्यप्रदेश के धार जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने हाईटेक ड्रोन की मदद से जंगलों, दुर्गम पहाड़ी इलाकों और खेतों में छिपाकर की जा रही गांजे की खेती का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अंजाम दिया गया. पुलिस के मुताबिक करीब 48 घंटे तक ड्रोन से निगरानी और तलाशी अभियान चलाया गया. इस दौरान लगभग 67 क्विंटल यानी 6,700 किलोग्राम गांजे के हरे पौधों का पता चला, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 25 करोड़ रुपये बताई गई है.

पुलिस ने यह कार्रवाई धार जिले के मनावर, उमरबन सहित दक्षिणी क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में की. गांजे के पौधे मक्का, अरहर, कपास, मिर्च और गन्ने जैसी दूसरी फसलों के बीच छिपाकर लगाए गए थे. कुछ खेतों में अमरूद के पौधों के बीच भी गांजे की खेती की जा रही थी. ड्रोन से मिले हवाई फुटेज के आधार पर पुलिस टीमों ने संदिग्ध खेतों की पहचान की और इसके बाद मौके पर पहुंचकर तलाशी एवं जब्ती की कार्रवाई की. आठ अलग-अलग खेतों में गांजे की खेती मिलने की जानकारी दी गई है.

इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल मंडलोई, मालसिंह उर्फ हरेसिंह मौर्य, सखाराम मौर्य और गुलसिंह मंडलोई के रूप में हुई है. ये सभी बड़िया-पटेलपुरा गांव के निवासी बताए गए हैं. इनके खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि इस अवैध खेती से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके.

धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया. इसमें पुलिस की कई टीमें शामिल रहीं. पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत गांजे की अवैध खेती के साथ-साथ इसके उत्पादन, बिक्री और परिवहन पर भी कार्रवाई की जाएगी. दुर्गम इलाकों में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किए जाने से उन खेतों तक पहुंचना आसान हुआ है, जहां सामान्य गश्ती दल के लिए पहुंचना मुश्किल होता है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जिले में कहीं भी मादक पदार्थों की अवैध खेती या कारोबार की जानकारी मिलने पर सूचना दें. सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी.

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