एग्रीवेट: रबी सीजन में गेहूं बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को उन्नत किस्म देने के निर्देश दिए गए हैं. पंजाब सरकार ने बीज आधे रेट पर देने की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि है. राज्य के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुद्दियां ने रविवार को बैठक के दौरान बीज सहायता योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा की. उन्होंने किसानों को गेहूं के बीज आधे रेट पर देने के निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने बीज सहायता योजना की घोषणा करते हुए बीज सब्सिडी लिए 50 करोड़ का फंड भी जारी किया है. किसानों को दिए जाने वाले गेहूं बीज आईसीएआर या पंजाब सरकार की ओर से लिस्टेड होंगे.
पंजाब में खरीफ फसलों की कटाई हो चुकी है और खेत लगभग खाली हो चुके हैं. कई हिस्सों में किसानों ने रबी सीजन के गेहूं की बुवाई के लिए खेतों को तैयार करना भी शुरू कर दिया है. ऐसे में किसान गेहूं, सरसों समेत अन्य रबी फसलों के उन्नत बीजों की तलाश में हैं. किसानों की बीज जरूरत को पूरा करने के लिए राज्य के कृषि मंत्री ने गेहूं के बीज पर 50 फीसदी सब्सिडी देने की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि है.
पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने 50 करोड़ रुपये की उस सहायता योजना की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि है, जिसके तहत किसानों को प्रमाणित गेहूं के बीज लगभग आधी कीमत पर मिलेंगे. कृषि मंत्री ने योजना का ब्योरा साझा करते हुए कहा कि 4,250 रुपये प्रति क्विंटल कीमत वाले प्रमाणित गेहूं के बीज किसानों को 2,250 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध होंगे. उन्होंने कहा कि खरीद के समय ही प्रति क्विंटल 2,000 रुपये की सब्सिडी घटा दी जाएगी.
कृषि मंत्री ने कहा कि यह बीज सब्सिडी केवल पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) लुधियाना की ओर से अनुशंसित और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) या पंजाब सरकार द्वारा अधिसूचित उन प्रमाणित गेहूं की किस्मों पर लागू होगी, जिन्हें अधिसूचित हुए 10 साल से अधिक नहीं हुए हैं. इन उन्नत बीजों को किसानों को देकर उत्पादन बेहतर करने और कृषि लागत घटाने की कोशिश है.
गुरमीत सिंह खुद्दियां ने अपने बयान में कहा कि बीज की लागत की 50 फीसदी सब्सिडी मिलेगी, या फिर 2000 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सब्सिडी दी जाएगी. इन दो मानकों में जो भी कम होगा उसके अनुसार ही सब्सिडी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज तैयार करने और अपने पास बीज का भंडार बढ़ाने में मदद करना है. इससे गेहूं का उत्पादन भी बढ़ेगा.
पंजाब के कृषि विभाग ने जिलेवार अनुमान लगाया है कि इस योजना से 2,42,218 लाभार्थियों को सहायता मिलेगी. इसके लिए अधिकतम 2,000 रुपये प्रति लाभार्थी की सहायता के हिसाब से कुल 50 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है. हालांकि, कुछ किसान संगठनों ने रबी सीजन की अन्य फसलों के बीजों पर भी राहत देने की मांग की है. राज्य सरकार भी अन्य बीजों पर सब्सिडी देने पर विचार कर रही है.