एग्रीवेट: Rabi Crops Sowing: रबी सीजन 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है और किसान गेहूं, सरसों, चना जैसी फसलों की बुवाई की तैयारी में जुटे हैं. लेकिन शुरुआती आंकड़े बता रहे हैं कि इस बार बुवाई की रफ्तार पिछले साल के मुकाबले थोड़ी धीमी है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के 16 अक्टूबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब तक 3.43 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई हुई है.
पिछले साल तक इसी समय 4.65 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी. यानी इस बार शुरुआती रकबा 1.22 लाख हेक्टेयर कम है. हालांकि, अभी सीजन की शुरुआत है और आने वाले दिनों में बुवाई का क्षेत्र बढ़ सकता है.
रबी सीजन में सरसों किसानों की प्रमुख तिलहनी फसल है. लेकिन इस बार शुरुआती आंकड़ों में इसकी बुवाई पिछले साल से पीछे चल रही है. 16 अक्टूबर तक देश में 2.26 लाख हेक्टेयर में सरसों बोई गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 3.10 लाख हेक्टेयर था. यानी सरसों की बुवाई का रकबा 84 हजार हेक्टेयर कम है.
तिलहन की बाकी फसलों को मिलाकर देखें, तो इस साल अब तक 2.29 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है. पिछले साल इसी समय तक 3.11 लाख हेक्टेयर में तिलहन बोया जा चुका था. हालांकि, मूंगफली की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है. इस साल अब तक 3 हजार हेक्टेयर में मूंगफली बोई गई है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 1 हजार हेक्टेयर था.
रबी सीजन में धान की बुवाई के शुरुआती आंकड़े भी कम हैं. मंत्रालय के अनुसार, 16 अक्टूबर तक देश में 88 हजार हेक्टेयर में रबी धान बोया गया है. पिछले साल इसी अवधि में 1.34 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी. इस तरह धान का रकबा 46 हजार हेक्टेयर कम है. फिलहाल केरल और तमिलनाडु में रबी धान की बुवाई शुरू हो चुकी है.
सरसों और धान के मुकाबले दलहन फसलों की बुवाई में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 16 अक्टूबर तक देश में 15 हजार हेक्टेयर में दलहन की बुवाई हुई, जबकि पिछले साल इसी समय तक 10 हजार हेक्टेयर में बुवाई हुई थी. चना की बुवाई इस साल 6 हजार हेक्टेयर में दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि तक इसकी बुवाई शुरू नहीं हुई थी. राजस्थान और नगालैंड में चना बोया जाने लगा है. वहीं, मटर की बुवाई 1 हजार हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल के 2 हजार हेक्टेयर से कम है. मसूर और उड़द की बुवाई भी कुछ राज्यों में शुरू हो गई है.
श्री अन्न और मोटे अनाज की बुवाई भी अभी शुरुआती दौर में है. 16 अक्टूबर तक इन फसलों का कुल रकबा 11 हजार हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 10 हजार हेक्टेयर था. ज्वार की बुवाई 8 हजार हेक्टेयर में हुई है. वहीं, मक्का का रकबा 2 हजार हेक्टेयर दर्ज किया गया है. जम्मू-कश्मीर, असम और राजस्थान में ज्वार की बुवाई शुरू हो चुकी है, जबकि कर्नाटक में मक्का बोया जा रहा है. राजस्थान में जौ की बुवाई भी शुरू हो गई है.
रबी सीजन की सबसे प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई अभी शुरू नहीं हुई है. कृषि मंत्रालय के मुताबिक, देश में गेहूं का सामान्य बुवाई क्षेत्र 315.24 लाख हेक्टेयर है. आमतौर पर खेतों की तैयारी और मौसम अनुकूल होने के साथ गेहूं की बुवाई में तेजी आती है. फिलहाल, 16 अक्टूबर तक के आंकड़ों में कुल रबी बुवाई पिछले साल से पीछे है. सरसों और धान के रकबे में कमी है, जबकि दलहन और मोटे अनाज में थोड़ी बढ़त दिख रही है. चूंकि अभी सीजन की शुरुआत है, इसलिए आने वाले हफ्तों में बुवाई की रफ्तार से ही पता चलेगा कि इस बार कुल रकबा कितना रहता है.