एग्रीवेट: RH 725 सरसों की किस्म से सामान्य परिस्थितियों में 25 से 26 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज मिल सकती है. वहीं, मौसम अनुकूल रहने और सही तरीके से खेती करने पर पैदावार 36 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकती है.
इस किस्म में करीब 40 से 42 प्रतिशत तक तेल की मात्रा बताई गई है. यही वजह है कि, यह तिलहन की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है. हालांकि, बाजार में मिलने वाला भाव तेल की मात्रा के साथ-साथ मांग और क्वालिटी पर भी निर्भर करता है.
RH 725 सरसों की फलियां लंबी और मोटी होती हैं. इसकी हर फली में करीब 17 से 20 दाने पाए जा सकते हैं. इसके दाने भी मोटे और वजनदार होते हैं, जो इस किस्म की खास विशेषताओं में शामिल हैं.
जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए पानी कम है, उनके लिए यह किस्म उपयोगी हो सकती है. इसकी पूरी फसल में सामान्यतः एक से दो सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, सिंचाई की संख्या मिट्टी की नमी और मौसम के हिसाब से बदल सकती है.
RH 725 किस्म उत्तरी राजस्थान, दक्षिणी हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और जम्मू के कुछ क्षेत्रों के लिए उपयोगी बताई गई है. किसान अपने इलाके की मिट्टी और मौसम के हिसाब से इसकी उपयुक्तता की जानकारी कृषि विशेषज्ञों से जरूर लें.
इस किस्म की बुवाई के लिए सितंबर से अक्टूबर तक का समय बताया गया है. अच्छी पैदावार के लिए प्रमाणित बीज का इस्तेमाल करें और खेत की तैयारी, खाद, सिंचाई व कीटों से बचाव का ध्यान रखें. बुवाई का सही समय तय करने के लिए स्थानीय कृषि विभाग की सलाह लेना बेहतर रहेगा.