एग्रीवेट: ओडिशा से मिडिल ईस्ट के देशों को सीफूड एक्सपोर्ट में गिरावट आई है. राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया कि क्षेत्र में जारी संघर्ष और व्यापार में रुकावटों के कारण एक्सपोर्ट की वैल्यू 14.57 फीसदी घट गई. इससे राज्य को करीब 23.40 करोड़ रुपये की एक्सपोर्ट कमाई का नुकसान होने का अनुमान है. मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मलिक ने यह जानकारी विधानसभा में दी. उन्होंने पूर्व मंत्री और बीजेडी विधायक प्रताप केशरी देब के सवाल के जवाब में बताया कि ये आंकड़े मरीन प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (MPEDA) से मिले डेटा पर आधारित हैं.
मिडिल ईस्ट को सीफूड एक्सपोर्ट में गिरावट के बावजूद ओडिशा का कुल समुद्री उत्पाद निर्यात बढ़ा है. राज्य के कुल समुद्री उत्पाद निर्यात की वैल्यू 2025-26 में सालाना आधार पर 16.36 फीसदी बढ़ी. इससे एक्सपोर्ट कमाई में 763.94 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ. विधानसभा में पेश आंकड़ों के मुताबिक, ओडिशा ने 2025-26 में 1,00,864 टन मछली, झींगा और अन्य समुद्री उत्पादों का निर्यात किया. इनकी कुल कीमत 5,431.95 करोड़ रुपये रही.
मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मलिक ने कहा कि इस साल अप्रैल से अगस्त के बीच मिडिल ईस्ट को सीफूड भेजने की मात्रा में गिरावट आई. इस अवधि में ओडिशा से मिडिल ईस्ट को 2,807 टन समुद्री उत्पाद निर्यात हुए, जो पिछले साल की समान अवधि के 3,418 टन से 17.88 फीसदी कम है. इस दौरान एक्सपोर्ट की वैल्यू भी 14.57 फीसदी घटकर 137.17 करोड़ रुपये रह गई. पिछले साल अप्रैल-अगस्त में यह 160.57 करोड़ रुपये थी. यानी इस अवधि में करीब 23.40 करोड़ रुपये की एक्सपोर्ट कमाई कम हुई.
ओडिशा के समुद्री उत्पादों के निर्यात में झींगा की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा बनी हुई है. मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मलिक के मुताबिक, पिछले पांच साल में फ्रोजन झींगा के निर्यात में बढ़ोतरी हुई है. 2021-22 में ओडिशा से 85,246 टन फ्रोजन झींगा का निर्यात हुआ था, जिसकी कीमत 4,600.25 करोड़ रुपये थी. 2025-26 में इसका निर्यात बढ़कर 99,713 टन हो गया. इसकी कीमत भी बढ़कर 5,409.92 करोड़ रुपये पहुंच गई. इसी अवधि में ओडिशा का कुल सीफूड एक्सपोर्ट 86,765 टन से बढ़कर 1,00,864 टन हो गया. इसकी कुल कीमत 4,627.91 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,431.95 करोड़ रुपये पहुंच गई.
ओडिशा सरकार के मुताबिक, राज्य में 2025-26 के दौरान 8.27 लाख टन मीठे पानी की मछली और 1.87 लाख टन खारे-मीठे पानी यानी ब्रैकिश वॉटर की मछली का उत्पादन हुआ. मत्स्य मंत्री गोकुलानंद मलिक ने बीजेडी विधायक अश्विनी कुमार पात्रा के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी. उन्होंने केंद्र सरकार की ‘हैंडबुक ऑफ फिशरीज स्टैटिस्टिक्स 2025’ का हवाला देते हुए बताया कि 2024-25 में ओडिशा देश में कुल मछली उत्पादन के मामले में चौथे स्थान पर था. इस दौरान ओडिशा में कुल 11.92 लाख टन मछली का उत्पादन हुआ, जबकि पूरे देश में 197.75 लाख टन मछली का उत्पादन दर्ज किया गया.