एग्रीवेट: Success Story: पानीपत की सुनीता ने छोटे कारोबार के जरिए अपनी जिंदगी बदलने की कोशिश शुरू की और प्रधानमंत्री SVdhi योजना के तहत मिले लोन ने उनके इस सफर में मदद की. पहले उन्होंने 10 हजार रुपये का कर्ज लेकर चाय की दुकान शुरू की, लेकिन कारोबार उम्मीद के मुताबिक नहीं चला. इसके बाद उन्होंने दोबारा लोन लेकर चाउमीन का स्टॉल शुरू किया. आज सुनीता 50 हजार के लोन के साथ अपना काम आगे बढ़ा रही हैं और नियमित रूप से किस्तें चुका रही हैं.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुनीता को किसी ने बताया कि यहां लोन मिल सकता है और इसका इस्तेमाल अपना काम शुरू करने के लिए किया जा सकता है. इसके बाद उन्होंने 10 हजार रुपये का पहला लोन लिया और चाय की दुकान शुरू की. हालांकि, चाय का कारोबार ज्यादा नहीं चल सका. इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और कमाई का दूसरा रास्ता तलाशना शुरू किया.
पहले कारोबार में सफलता नहीं मिलने के बाद सुनीता ने एक और लोन लिया और चाउमीन का स्टॉल शुरू किया. इस बार उन्होंने अपने काम को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया. पहले 10 हजार रुपये और फिर 20 हजार रुपये का लोन लेने के बाद उन्होंने साल 2024 में 50 हजार रुपये का लोन लिया. लगातार छोटे कारोबार को आगे बढ़ाते हुए सुनीता ने अपने लिए कमाई का एक जरिया तैयार किया.
सुनीता के लिए इस सफर का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पहले उन्हें दूसरों के घरों में काम करना पड़ता था, लेकिन अब वह अपना स्टॉल संभालकर बच्चों के खर्च में योगदान दे रही हैं. उनका कहना है कि अपने काम के जरिए वह बच्चों की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं. सुनीता की कहानी दिखाती है कि छोटे कारोबार से शुरुआत करने वाले लोगों के लिए पूंजी तक पहुंच उनके रोजगार के रास्ते खोल सकती है. साथ ही, उनका सफर यह भी बताता है कि पहला प्रयास सफल न होने के बाद कारोबार का तरीका बदलकर आगे बढ़ने की कोशिश की जा सकती है.