एग्रीवेट: किसानों और खेती को लेकर किए जा रहे सरकार के दावों और जमीनी हकीकत पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने आ गए हैं. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने किसानों से वादा किया कि वह राज्य को हॉर्टीकल्चर हब बनाएंगे. इस पर पूर्व सीएम और विपक्ष के नेता जगन मोहन रेड्डी ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हॉर्टीकल्चर हब बनाने का दावा झूठा है. इसके लिए न तो कोई बजट है और न ही कोई राशि जारी की गई है. उन्होंने कहा कि राज्य में सिंचाई के लिए बने 2 लाख बोरवेल सूख चुके हैं. किसान अपनी जेब से पैसे खर्च करके उन्हें जिंदा रखने की कोशिश कर रहे हैं. सरकार हवा-हवाई बातें करती है और किसानों को झांसा दिया जा रहा है.
पूर्व सीएम और YSRCP प्रमुख YS जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि है कि वे रायलसीमा में 1 लाख करोड़ रुपये के हॉर्टिकल्चर हब (बागवानी केंद्र) के नाम पर किसानों को “बेवकूफ” बना रहे हैं, जबकि इसके लिए न तो कोई बजट आवंटित किया गया है और न ही एक रुपया भी खर्च किया गया है. विपक्ष के नेता की यह टिप्पणी नायडू और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से हाल ही में मदनपल्ले में हॉर्टिकल्चर हब लॉन्च किए जाने के बाद आई है. इस हब का मकसद प्राइवेट कंपनियों से 60,000 करोड़ रुपये का निवेश पाना है. जबकि, बाकी 40,000 करोड़ रुपये की रकम दक्षिणी राज्य द्वारा केंद्र की मदद से जुटाए जाने की उम्मीद है.
पूर्व सीएम ने कहा कि चंद्रबाबू गारू, आप रायलसीमा में बागवानी के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की बात कर रहे हैं. क्या आप जो कर रहे हैं, वह सिर्फ़ ड्रामा और नंबरों का खेल नहीं है? बिना बजट आवंटन के, बिना एक रुपया खर्च किए, किसानों को इस तरह बेवकूफ बनाने का काम सिर्फ आप ही कर सकते हैं. जगन मोहन रेड्डी ने सवाल किया कि क्या सरकार ने सही दाम न मिलने पर बागवानी और दूसरी फसलें उगाने वाले किसानों के विरोध पर ध्यान दिया है.
उन्होंने यह भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने उनकी सरकार के दौरान बनाए गए प्राइस स्टेबिलाइज़ेशन फंड को कमजोर कर दिया है और मुफ्त फसल बीमा खत्म कर दिया है. उन्होंने आगे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जीरो-इंटरेस्ट लोन स्कीम को खत्म कर दिया गया और समय पर इनपुट सब्सिडी को कम कर दिया गया, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई.
पूर्व सीएम ने कहा कि रायलसीमा में भयंकर सूखा पड़ा है और हजारों एकड़ में बागवानी की फसलें सूख रही हैं. उन्होंने किसानों की हालत के बीच नायडू को “वॉटर मैन” के तौर पर पेश करने पर भी सवाल उठाया. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रायलसीमा लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट रुका हुआ है और सरकार इसे फिर से शुरू करने में नाकाम रही है.
जगन ने दावा किया कि रायलसीमा में करीब 7-8 लाख बोरवेल सूख गए हैं. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान अपने पेड़ों को जिंदा रखने के लिए हर पानी के टैंकर पर 1,500 से 2,000 रुपये खर्च कर रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि रायलसीमा, राज्य के बाकी हिस्सों की तरह किसानों की आत्महत्या का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है. उन्होंने सरकार से कहा कि वह “नाटक और दिखावा” बंद करें, सूखा राहत के उपाय तुरंत शुरू करे और किसानों को राहत दें.