एग्रीवेट: खेती-किसानी में नई तकनीक विकसित करने और ग्रामीण कारोबार को बढ़ावा देने वाले स्टार्टअप के लिए निवेश के नए अवसर खुलने जा रहे हैं. राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की निवेश इकाई नाबवेंचर्स ने अपने दूसरे फंड के तहत शुरुआती तौर पर 450 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस फंड का कुल लक्ष्य 1,500 करोड़ रुपये रखा गया है. इसके जरिए एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, ग्रामीण वित्तीय सेवाओं, जलवायु अनुकूल तकनीक और कृषि उपज की आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े कारोबार में निवेश किया जाएगा. इसका उद्देश्य ऐसे उद्यमों को आगे बढ़ाना है, जो खेती की लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने, किसानों को बाजार से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद कर सकते हैं.
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े स्टार्टअप को वित्तीय सहायता देने के लिए नाबवेंचर्स ने फंड-II के तहत 450 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी जुटाई है. इस फंड के जरिए कुल 1,500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसमें अतिरिक्त निवेश जुटाने का विकल्प भी शामिल है. नाबवेंचर्स का उद्देश्य शुरुआती चरण में काम कर रही कंपनियों से लेकर तेजी से कारोबार का विस्तार करने वाले उद्यमों तक को निवेश उपलब्ध कराना है. इससे कृषि क्षेत्र में नए विचारों पर काम करने वाली कंपनियों को अपने उत्पाद और सेवाएं विकसित करने का अवसर मिल सकता है.
नाबवेंचर्स फंड-II के तहत पांच प्रमुख क्षेत्रों में निवेश पर ध्यान दिया जाएगा. इनमें खेती में तकनीक का इस्तेमाल करने वाली एग्रीटेक कंपनियां, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि व्यवसाय से जुड़े उद्यम शामिल हैं. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाले फिनटेक स्टार्टअप भी निवेश के दायरे में आएंगे. फंड के तहत जलवायु अनुकूल तकनीक विकसित करने वाली कंपनियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा. ऐसी तकनीकें मौसम में बदलाव और जलवायु संबंधी चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकती हैं. इसके साथ ही कृषि उपज के भंडारण, परिवहन, वितरण और बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने वाली आपूर्ति शृंखला एवं लॉजिस्टिक्स कंपनियों में भी निवेश किया जाएगा.
नाबवेंचर्स के पिछले फंड से अब तक 23 नए और नवाचार आधारित उद्यमों को सहायता मिल चुकी है. इसी अनुभव के आधार पर दूसरे फंड के माध्यम से कृषि और ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाली अधिक कंपनियों को निवेश उपलब्ध कराने की योजना है. नाबवेंचर्स निवेश के साथ नाबार्ड के देशभर में फैले नेटवर्क और कृषि क्षेत्र के अनुभव का भी लाभ दिलाएगा. इससे निवेश पाने वाली कंपनियों को अपने कारोबार का विस्तार करने, नए बाजारों तक पहुंच बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं पहुंचाने में मदद मिल सकती है. इससे किसानों तक नई तकनीक और बेहतर कृषि सेवाएं पहुंचने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नाबार्ड के अध्यक्ष वी. शाजी कृष्णन के मुताबिक, नाबवेंचर्स फंड-II के लिए शुरुआती 450 करोड़ रुपये जुटाना कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ऐसे तकनीक आधारित समाधानों की जरूरत है, जो उत्पादकता बढ़ाने के साथ कृषि उपज की खरीद-बिक्री और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत कर सकें. इस फंड के जरिए ऐसे उद्यमियों के साथ साझेदारी की जाएगी, जो कृषि क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं का समाधान खोज रहे हैं. निवेश के लिए उन कंपनियों पर ध्यान दिया जाएगा, जो कारोबार बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने, वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और रोजगार सृजन में योगदान दें. इससे भारतीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.