एग्रीवेट: उत्तराखंड में असमय ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. आड़ू, सेब किसानों को सर्वाधिक नुकसान झेलना पड़ा है. किसान कई सप्ताह से ज्ञापन के जरिए सरकार से नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे थे, जिसे अब राज्य सरकार ने पूरा करने का भरोसा दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों के नुकसान की भरपाई आपदा राहत मानकों के तहत की जाएगी. इसके लिए केंद्र से भी सहायता मांगी गई है. वहीं, उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए कर्ज लेने वाले किसानों से किस्तें नहीं लेने के निर्देश दिए हैं.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे किसानों को बुधवार को निर्धारित आपदा राहत मानकों के अतिरिक्त समान राशि की सहायता देने और अक्टूबर से दिसंबर तक तीन महीने के बिजली बिलों के भुगतान को स्थगित करने की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि . मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल में हरिद्वार और उधमसिंह नगर जिलों सहित राज्य के कई क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है. कहा कि कृषि, बागवानी और गन्ने की फसलों को हुए नुकसान के लिए निर्धारित आपदा राहत मानकों के अतिरिक्त समान राशि की सहायता प्रदान की जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने और उन्हें प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न कठिनाइयों से उबारने के लिए प्रतिबद्ध है.
उत्तराखंड सरकार के आंकड़ों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि असमय ओलावृष्टि से उधमसिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, अल्मोड़ा, चम्पावत, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी के इलाकों में सर्वाधिक नुकसान हुआ है. इससे लगभग 8,300 हेक्टेयर से अधिक में फसलें प्रभावित हुई हैं. कहा गया है कि धान, गन्ना और सब्जियों के साथ-साथ बागवानी फसलों को 10 फीसदी से लेकर 70 फीसदी तक अलग-अलग हिस्सों में नुकसान पहुंचा है.