एग्रीवेट: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रदेश की लाखों महिलाओं को दिवाली का तोहफा दिया है. उन्होंने अबोहर में ‘मावां-धीयां सत्कार’ योजना के अगले चरण की शुरुआत की. इस मौके पर उन्होंने राज्य की 37.43 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1,291 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. वहीं, सरकार को उम्मीद है कि इस राशि से आर्थिक रूप से मकजोर महिलाओं को काफी फायदा होगा. वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए दिवाली पर जरूरी समान खरीद सकेंगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 29 अक्टूबर तक इस योजना के तहत कुल 80.05 लाख महिलाएं रजिस्ट्रेशन करा चुकी हैं. सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को योजना से जोड़ना है. उन्होंने सरकार की अन्य योजनाओं और उपलब्धियों का भी जिक्र किया. इनमें हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली, युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आर्थिक सहायता, गांवों के आखिरी छोर तक सिंचाई का पानी पहुंचाना और स्वास्थ्य कार्ड जारी करना शामिल है.
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वहीं, मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन करने जा रहे कई किसानों को पुलिस ने रविवार को हिरासत में ले लिया. ये किसान कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहे थे. भारतीय किसान यूनियन (खोसा), पंजाब के महासचिव गुणवंत सिंह संधू ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अनाज मंडियों में धान खरीद के दौरान नमी और गुणवत्ता का हवाला देकर किसानों के प्रति क्विंटल 5 से 8 किलो तक कटौती की जा रही है. उन्होंने कहा कि किसान इस समस्या को मुख्यमंत्री के सामने उठाना चाहते थे.
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जनसभा को संबोधित करते हुए शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर निशाना साधा. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में बेअदबी की सबसे ज्यादा घटनाएं अकाली दल की सरकार के कार्यकाल में हुई थीं. अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर तंज कसते हुए मान ने कहा कि जो लोग कभी पंजाब में 25 साल तक राज करने का दावा करते थे, आज उन्हें अपनी पार्टी चलाने के लिए 25 लोग भी नहीं मिल रहे हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधने के लिए एक बार फिर मशहूर कविता ‘किकली कलीर दी’ की पंक्तियां सुनाईं.
पंजाब सरकार की ‘मावां-धीयां सत्कार’ योजना के तहत सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को 3,000 रुपये और अनुसूचित जाति (सुप्रीम कोर्ट) वर्ग की महिलाओं को 4,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. सरकार यह राशि तीन महीने की सहायता के तौर पर एक साथ देती है. पैसा सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है. इस योजना की खास बात यह है कि इसका लाभ परिवार के बजाय हर पात्र महिला को अलग-अलग मिलता है. यानी अगर एक ही परिवार में एक से ज्यादा महिलाएं योजना की शर्तों को पूरा करती हैं, तो सभी को अलग-अलग आर्थिक सहायता दी जाती है.