एग्रीवेट: पड़ोसी राज्यों से धान लाने पर रोक के बावजूद हरियाणा के करनाल जिले में उत्तर प्रदेश और बिहार से धान की आवक जारी है. जिला प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घीर इलाके में दो राइस मिलों के बाहर खड़े धान से भरे पांच ट्रकों को जब्त किया है. इन ट्रकों में करीब 1,400 क्विंटल परमल धान लदा था. आरोप है कि यह धान उत्तर प्रदेश और बिहार से लाया गया था. इस कार्रवाई के बाद हरियाणा में दूसरे राज्यों से धान की अवैध आवक का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. साथ ही, हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा पर धान की आवक की जांच और निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं. जब्त किए गए पांच ट्रकों में से दो बिहार और तीन उत्तर प्रदेश से धान लेकर आए थे.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के जोनल एडमिनिस्ट्रेटर और असंध के एसडीएम सुमित सिहाग के नेतृत्व में रविवार को अधिकारियों की टीम ने घीर इलाके में छापा मारा. इस दौरान कुंजपुरा अनाज मंडी के सचिव भी मौजूद रहे. जांच के दौरान अधिकारियों को एक राइस मिल के बाहर करीब 250 क्विंटल धान मिला. वहीं, एक अन्य मामले में तीन ट्रकों के दस्तावेज एक राइस मिल के नाम पर मिले, जबकि ये ट्रक दूसरी राइस मिल के बाहर खड़े थे. दस्तावेजों और ट्रकों की लोकेशन में अंतर पाए जाने के बाद अधिकारियों ने तीन राइस मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है.
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अधिकारियों की टीम ने राइस मिल मालिकों पर मार्केट फीस लगाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की है. एक अधिकारी ने बताया कि तय नियमों का उल्लंघन कर दूसरे राज्यों से धान लाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. धान की अवैध आवक का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी उत्तर प्रदेश से धान लाने के आरोप में दो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. इनमें एक मामला इंद्री और दूसरा घरौंडा का है.
पड़ोसी राज्यों और दूसरे जिलों से धान आने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद करनाल के उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने पूरे जिले में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में धान की आवाजाही पर कड़ी नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी है. हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा पर धान की अवैध आवक रोकने के लिए तीन जगह नाके लगाए गए हैं. यहां अधिकारी और पुलिसकर्मी 24 घंटे वाहनों की जांच कर रहे हैं. इसके अलावा, अनाज मंडियों के प्रवेश द्वारों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि धान की आवाजाही पर नजर रखी जा सके और खरीद के नियमों का उल्लंघन रोका जा सके.
धान खरीद में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए करनाल के उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने मेरी फसल मेरा ब्योरा (MFMB) पोर्टल पर पंजीकृत करीब 13 हजार किसानों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं. इन किसानों ने पोर्टल पर धान की फसल का पंजीकरण कराया है, लेकिन उनकी उपज अभी तक अनाज मंडियों में नहीं पहुंची है. इस जांच की जिम्मेदारी पटवारियों को सौंपी गई है. वे किसानों के पंजीकरण और दर्ज जानकारी की जांच करेंगे, ताकि पता चल सके कि कहीं फर्जी पंजीकरण तो नहीं कराया गया है. अधिकारियों को यह भी पता लगाने को कहा गया है कि किसानों ने धान काटकर अपने पास रखा है, कहीं दूसरी जगह बेच दिया है या मंडी में फसल नहीं लाने की कोई दूसरी वजह है.