धान उठान में देरी से नाराज किसान और आढ़तियों का प्रदर्शन, मंडी कार्यालय पर जड़ा ताला—जानें पूरा मामला – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: हरियाणा के यमुनानगर जिले में खरीदे गए धान का उठान धीमा होने से किसान और आढ़ती नाराज हैं. भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) और आढ़ती एसोसिएशन के सदस्यों ने जगाधरी अनाज मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला लगा दिया. इसके बाद उन्होंने कार्यालय परिसर में धरना दिया. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर खरीदे गए धान का उठान तेज नहीं हुआ, तो वे उपायुक्त (DC) कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन करेंगे.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, यमुनानगर जिले की 13 अनाज मंडियों में धान की आवक बढ़ गई है. लेकिन खरीदे गए धान का उठान  धीमा होने से मंडियों में फसल के बड़े-बड़े ढेर खुले में पड़े हैं. वहीं, लगातार नई फसल आने से मंडियों में जगह की कमी और भीड़भाड़ बढ़ रही है. ऐसे में किसानों और आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 7 अक्टूबर तक यमुनानगर जिले की 13 अनाज मंडियों में 88,811 मीट्रिक टन धान पहुंच चुका था. इसमें से 49,342 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, लेकिन सिर्फ 743 मीट्रिक टन धान का ही उठान हुआ. यानी खरीदे गए धान का महज 1.51 फीसदी ही मंडियों से उठाया गया.

धान के उठान में देरी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन और आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य सुबह करीब 11 बजे मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे. उन्होंने दोपहर 12 बजे तक जिला प्रशासन के अधिकारियों का इंतजार किया, लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए. मंडियों में धान के ढेर खुले में पड़े हैं. वहीं, नई फसल की आवक  लगातार जारी है. इससे मंडियों में जगह की कमी और भीड़भाड़ बढ़ रही है. किसानों और आढ़तियों की मांग है कि खरीदे गए धान का उठान जल्द तेज किया जाए.

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के जिला अध्यक्ष संजू गुंडियाना ने कहा कि धान की सरकारी खरीद शुरू हुए करीब 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन मंडियों से धान का उठान अब तक बहुत कम हुआ है. उन्होंने कहा कि बाद में जगाधरी के एसडीएम और यमुनानगर के जिला खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक (DFSC) ने प्रदर्शन कर रहे किसानों और आढ़तियों से बातचीत की. अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया कि मंडियों से धान उठाने की रफ्तार  बढ़ाई जाएगी. वहीं, राज्य की मंडियों में करीब 7.35 लाख मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है. इसमें से 2.57 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है. लेकिन धान उठान में देरी होने से किसान नाराज हैं.

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