सूखे से 2.71 लाख हेक्टेयर फसलें चौपट, केंद्रीय टीम से नुकसान और अन्य वजहें नहीं छिपाने के निर्देश – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: कर्नाटक सरकार ने राज्य की 217 से ज्यादा तहसीलों को सूखा प्रभावित माना है. इन इलाकों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है. फसलों के सूखने के अलावा पशुओं के लिए चारे का संकट भी गंभीर हो गया है. कुछ हिस्सों में किसानों ने चारा नहीं होने पर अपने पशुओं को औने-पौने दामों पर बेचा भी है. सूखा के इन हालातों का सटीक विश्लेषण करने के लिए केंद्रीय सूखा अध्ययन टीम कर्नाटक के प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू कर रही है. शुरुआत प्रभावित जिले विजयनगर से की जाएगी. सूखे से 2.71 लाख हेक्टेयर फसलें चौपट हो गई हैं. मक्का, बाजरा, मूंगफली, सूरजमुखी और प्याज की फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया जाएगा. इस संबंध में केंद्र और राज्य स्तर से जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं.

केंद्र और राज्य की ओर से कर्नाटक के सूखा प्रभावित जिलों के दौरे के संबंध में जिला प्रशासनिक अधिकारियों, कृषि विभाग और जिले राजस्व विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं. पहले चरण में विजयनगर जिले में सूखे की स्थिति और फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय सूखा अध्ययन टीम दौरा करने जा रही है. टीम उन क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी, जहां बारिश की कमी के कारण फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है. जिला प्रशासन ने टीम के दौरे को लेकर जिला और तालुक स्तर के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

विजयनगर की जिला कलेक्टर कविता मन्नीकेरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केंद्रीय टीम के समक्ष जिले में सूखे की वास्तविक स्थिति की जानकारी रखी जाए और किसी भी समस्या को छिपाया न जाए. उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं और फसल नुकसान से जुड़ी वास्तविक स्थिति टीम के सामने स्पष्ट रूप से रखी जानी चाहिए, ताकि सूखे से प्रभावित क्षेत्रों का सही आकलन हो सके.

केंद्रीय सूखा अध्ययन टीम के कार्यक्रम के तहत हरपनहल्ली तालुक के दुग्गावती गांव और नीलगुंडा गांव का दौरा प्रस्तावित है. इस दौरान टीम वीबी जी राम जी योजना के तहत किए जा रहे झील के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण करेगी. इसके बाद मैदुर गांव में मक्का, बाजरा, मूंगफली, सूरजमुखी और प्याज की फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया जाएगा. टीम किसानों से बातचीत कर पीने के पानी की समस्या और सूखे के कारण उत्पन्न अन्य परेशानियों की जानकारी भी लेगी. टीम हडगली तालुक के इटागी गांव में पहुंचेगी. इसके बाद कुडलगी स्थित टूरिस्ट मंदिर में जिला स्तरीय सूखा अध्ययन को लेकर बैठक करेगी. अधिकारियों से जिले की सूखे की स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली जाएगी.

विजयनगर जिले में इस वर्ष बारिश की कमी के कारण सूखे की स्थिति गंभीर बनी हुई है. मॉनसून अवधि यानी जून से सितंबर के दौरान जिले में सामान्य रूप से 38.91 सेंटीमीटर बारिश होनी चाहिए थी लेकिन इस अवधि में केवल 16.84 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. इस तरह जिले में बारिश में करीब 57 प्रतिशत की कमी रही. बारिश की कमी के चलते हुए फसल नुकसान के कारण जिले में करीब 2.71 लाख हेक्टेयर कृषि फसलें प्रभावित हुई हैं. केंद्रीय सूखा अध्ययन टीम अपने दौरे के दौरान किसानों से सीधे बातचीत कर जमीनी स्थिति की जानकारी लेगी और फसलों, पेयजल तथा अन्य क्षेत्रों में सूखे के प्रभाव का आकलन करेगी.

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