एग्रीवेट: खेत में उगने वाला आलू अब आधुनिक मशीनों से फ्रेंच फ्राइज बनकर दुनिया के बाजारों तक पहुंच रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सनादर में बनास डेयरी के आलू प्रोसेसिंग प्लांट के विस्तार का उद्घाटन किया. इससे आलू की प्रोसेसिंग क्षमता और तैयार उत्पादों के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर प्लांट की तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें फैक्ट्री के भीतर फ्रेंच फ्राइज तैयार होते दिखाई दिए. उन्होंने भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहुंच को रेखांकित करते हुए खेत से फैक्ट्री और दुनिया तक पहुंचने का संदेश दिया.
सनादर स्थित इस प्लांट में आलू से फ्रेंच फ्राइज जैसे उत्पाद बनाए जाते हैं. विस्तार के बाद कृषि उपज को तैयार खाद्य उत्पादों में बदलने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी. इससे आलू का उपयोग बढ़ाने और बाजार की जरूरत के मुताबिक उत्पाद तैयार करने में मदद मिलेगी. प्रोसेसिंग के जरिए किसानों की उपज में मूल्य जोड़ा जाता है. कच्चे आलू के साथ उससे तैयार उत्पादों का कारोबार बढ़ने से स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
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प्रधानमंत्री ने एक्स पर प्रोसेसिंग यूनिट की झलक दिखाते हुए भारत में तैयार उत्पादों की दुनिया तक पहुंच का संदेश दिया. तस्वीरों में आधुनिक मशीनों के बीच फ्रेंच फ्राइज तैयार करने की प्रक्रिया नजर आई. इन तस्वीरों ने खेत की उपज और खाद्य उद्योग के बीच संबंध को सामने रखा. आलू जैसे सामान्य कृषि उत्पाद को प्रोसेस करके अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए तैयार करना खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दिखाता है.
मोदी ने किया आलू प्रोसेसिंग प्लांट के विस्तार का उद्घाटन.
प्रधानमंत्री ने पालनपुर में अल्ट्रा हाई टेम्परेचर यानी यूएचटी उत्पादों के लिए ऑटोमेटेड स्टोरेज एंड रिट्रीवल सिस्टम का भी उद्घाटन किया. यह स्वचालित प्रणाली उत्पादों को व्यवस्थित तरीके से रखने और जरूरत पड़ने पर निकालने में मदद करती है. इस सुविधा से डेयरी उत्पादों के भंडारण और उन्हें आगे भेजने की व्यवस्था बेहतर होगी. आधुनिक भंडारण सुविधाएं तैयार उत्पादों की आपूर्ति सुचारु रखने और संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
आलू प्रोसेसिंग प्लांट का विस्तार किसानों के लिए बाजार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में अहम कदम है. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग बढ़ने से कृषि उपज की मांग और स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. बेहतर प्रोसेसिंग और भंडारण व्यवस्था कृषि तथा उद्योग के बीच जुड़ाव को मजबूत करेगी.