एग्रीवेट: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने धान खरीद सीजन के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को धान बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. दरअसल, धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र स्थित बाबैन अनाज मंडी समिति कार्यालय में बैठक की. इसमें किसानों के साथ आढ़ती, व्यापारी, राइस मिलर्स और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए.
बैठक में धान खरीद से जुड़ी व्यवस्थाओं और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखने और मंडियों में जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा. धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और मंडी प्रशासन को खरीद प्रक्रिया सुचारू रखने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मंडियों में किसानों को धान बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो और खरीद व्यवस्था व्यवस्थित तरीके से चले.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीद सीजन के दौरान किसानों को किसी तरह की दिक्कत या परेशानी न हो. उन्होंने मंडियों में खरीद से जुड़े सभी जरूरी इंतजाम समय पर पूरे करने को कहा. वहीं, सरकार की ओर से ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल को 27 सितंबर तक फिर से खोल दिया गया है. इस दौरान किसान अपनी फसल से जुड़ी जानकारी और आवेदन जमा कर सकेंगे. वहीं, जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन अभी बाकी है, उन्हें संबंधित एसडीएम कार्यालय में आवेदन जमा करने की सलाह दी गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को समर्थन देने के लिए कई कदम उठा रही है. हरियाणा में 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की जा रही है. वहीं, सब्जी उत्पादक किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है.
वहीं, खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) 2026-27 शुरू होने से पहले हरियाणा के करनाल जिला प्रशासन ने धान खरीद को लेकर तैयारी तेज कर दी है. प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों में धान की एंट्री के समय ही गेट पर नमी की जांच की जाए. इससे खरीद प्रक्रिया सुचारू रखने और मंडियों में वाहनों की लंबी कतार से बचने में मदद मिलेगी. उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों और मार्केट कमेटियों के सचिवों को मंडी गेट पर डिजिटल नमी मापक यंत्र लगाने के निर्देश दिए हैं. गेट पर धान की शुरुआती जांच की जाएगी. तय नियमों के मुताबिक 17 फीसदी तक नमी वाले धान की खरीद की जाएगी.