मधुमेह को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने जताई चिंता, बोले- इलाज के साथ रोकथाम और जागरूकता भी जरूरी – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को भोपाल और सांची में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. उन्होंने भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में श्रीराम फाइनेंस के ‘नवगति’ कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति की राशि बांटी और उनसे बातचीत की. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के सांची पहुंचे. यहां उन्होंने रिसर्च सोसायटी फॉर द स्टडीज ऑफ डायबिटीज इन इंडिया के 11वें वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लिया. सम्मेलन में मधुमेह की बढ़ती समस्या, इलाज में हो रही प्रगति, नई चिकित्सा तकनीकों और शोध की संभावनाओं पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा हुई.

इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मधुमेह अब सिर्फ किसी एक व्यक्ति की बीमारी नहीं है, बल्कि तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है. उन्होंने कहा कि इसके इलाज के साथ बीमारी की रोकथाम और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान देना जरूरी है. उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान और नई तकनीकों ने इलाज के क्षेत्र में कई नए रास्ते खोले हैं. ऐसे में डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के बीच बेहतर तालमेल से मधुमेह जैसी बीमारियों से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा सकती है.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर समाज से आत्ममंथन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह सोचने की जरूरत है कि ऐसी स्थिति क्यों बन रही है, जब बेटियों को पुरुषों के प्रति अविश्वास जताने वाला नारा लिखना पड़ रहा है. शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर चल रहे नारे “एक कचौड़ी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा” का जिक्र करते हुए कहा कि यह नारा कभी सार्थक और सफल नहीं होना चाहिए. उन्होंने इसे पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया. उन्होंने कहा कि कई बार बेटियों को गलत नजर से देखने वाले लोग अनजान नहीं, बल्कि उनके जान-पहचान के ही होते हैं. ऐसी घटनाएं समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े करती हैं. उन्होंने कहा कि बेटियों का सम्मान और सुरक्षा सिर्फ परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है.

केंद्रीय मंत्री ने भारतीय महिला हॉकी टीम की उपलब्धि का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि टीम ने चीन को हराकर करीब 40 साल बाद उसके खिलाफ जीत दर्ज की और गोल्ड मेडल हासिल किया. उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी लगातार पदक जीत रहे हैं और यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है. शिवराज सिंह चौहान ने एक विमान हादसे का जिक्र करते हुए भारतीय पायलट के साहस की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि विमान में इजराइल के नागरिक सवार थे और हादसे के दौरान पायलट घायल होने के बावजूद धैर्य बनाए रखा. उन्होंने दावा किया कि पायलट ने हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए विमान को सुरक्षित उतारा और सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की उपज को मंडी और बाजार तक पहुंचाने से लेकर निर्माण सामग्री की ढुलाई, बच्चों को स्कूल पहुंचाने और मरीजों को अस्पताल ले जाने तक ड्राइवरों की भूमिका अहम है. ट्रक, बस, ऑटो या एंबुलेंस, हर जगह ड्राइवर जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि  ये ड्राइवर अकेले ट्रक नहीं चलाते, ये देश चलाते हैं और लोगों की जिंदगी को गति देते हैं.

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि कक्षा 8वीं से 10वीं तक पढ़ने वाले और 60 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल करने वाले ड्राइवरों के बच्चों को सालाना 4 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इस राशि से कॉपी-किताब, आने-जाने और पढ़ाई से जुड़ी दूसरी जरूरतों में मदद मिलेगी. उन्होंने बताया कि 11वीं और 12वीं के छात्रों को सालाना 4,500 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी. वहीं, 90 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 5 हजार रुपये दिए जाएंगे.

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