यूपी के तिलहन किसानों को मिलेंगे 1097 करोड़ रुपये, केंद्र ने मूंगफली और तिल खरीद को मंजूरी दी – एग्रीवेट

Team Agrivate
5 Min Read

एग्रीवेट: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 सीजन में तिलहन की खरीद को लेकर बड़ा फैसला लिया है. उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत उत्तर प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 1.30 लाख मीट्रिक टन मूंगफली और तिल खरीदने को मंजूरी दे दी गई है. इसके तहत राज्य के किसानों को 1097 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा ग्रामीण आवागमन को बेहतर करने और मंडियों तक किसानों की पहुंच को आसान बनाने के लिए में374 ग्रामीण सड़कों को बनाने की लागत प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है.

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत उत्तर प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 86,500 मीट्रिक टन मूंगफली और 43,250 मीट्रिक टन तिल की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से प्रदेश के हजारों मूंगफली और तिल उत्पादक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है.

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार की मंजूरी के अनुसार उत्तर प्रदेश में 86,500 मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद पर करीब 650 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं, 43,250 मीट्रिक टन तिल की खरीद के लिए करीब 447 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है. इस तरह दोनों फसलों की खरीद पर कुल करीब 1,097 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

केंद्र के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के किसानों को अपनी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना पक्का करने में मदद मिलेगी. अक्सर बाजार में कीमतें MSP से नीचे आने पर किसानों को मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचनी पड़ती है. ऐसे में मूल्य समर्थन योजना के तहत सरकारी खरीद होने से किसानों को संकटपूर्ण बिक्री से राहत मिलेगी और उनकी आमदनी को सुरक्षा मिल सकेगी.

उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 544.62 करोड़ रुपये की लागत से 374 ग्रामीण सड़कों की सौगात भी दी गई है. इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होगा और किसानों को अपनी उपज मंडियों तथा बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी. इस तरह MSP पर तिलहन खरीद और ग्रामीण सड़क निर्माण की मंजूरी को प्रदेश के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है.

Share This Article