एग्रीवेट: UP Land Acquisition: उत्तर प्रदेश में अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच किसानों को मिलने वाले मुआवजे का मुद्दा सामने आया है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले में सरकार की जमीन अधिग्रहण नीति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि, किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक कीमत के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए. 28 सितंबर को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि , जमीन अधिग्रहण के मामले में किसानों के साथ एक जैसी नीति नहीं अपनाई जा रही है. उन्होंने जमीन का सर्किल रेट मौजूदा बाजार कीमत को ध्यान में रखकर तय करने की मांग की.
अखिलेश यादव ने कहा कि एक्सप्रेसवे के लिए जिन किसानों की जमीन ली जा रही है, उन्हें जमीन की वास्तविक कीमत मिलनी चाहिए. उनका कहना है कि केवल सरकारी सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा तय करने के बजाय आसपास चल रहे बाजार भाव को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले से चल रही है. सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक परियोजना के अलग-अलग हिस्सों के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है.
जमीन के सर्किल रेट और बाजार में चलने वाली कीमत के बीच अंतर का मुद्दा पहले भी सामने आता रहा है. अलीगढ़ में हाल की एक रिपोर्ट में कुछ इलाकों में सरकारी सर्किल रेट और बाजार कीमत के बीच बड़ा अंतर बताया गया था. ऐसे में अखिलेश यादव ने मांग की कि जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों को मिलने वाले मुआवजे की गणना करते समय जमीन की मौजूदा कीमत को भी आधार बनाया जाए. उनका कहना है कि इससे किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिल सकेगा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने किसानों के अलावा युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने सरकारी नौकरियों में भर्ती, रोजगार के अवसर और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सवाल उठाए. उन्होंने एक लाख नौकरियों के मुद्दे पर चर्चा की जरूरत बताई और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं. उन्होंने पेपर लीक और आरक्षण से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया. अखिलेश यादव ने मदरसों और वहां काम करने वाले शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मदरसों और शिक्षकों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया. उन्होंने बिना सरकारी सहायता वाले संस्थानों के शिक्षकों के मानदेय और बजट के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए.
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा सरकार पर समाज में अलग-अलग वर्गों के बीच दूरी बढ़ाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसानों, युवाओं, शिक्षकों और दूसरे वर्गों से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी. जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा के खिलाफ तीखी राजनीतिक टिप्पणी भी की. हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप और बयान हैं. एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया सरकारी स्तर पर अलग-अलग जिलों में आगे बढ़ रही है.
अलीगढ़-मुरादाबाद एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जमीन देने वाले किसानों के लिए मुआवजे की राशि बड़ा मुद्दा है. जमीन का सर्किल रेट और बाजार में उसकी वास्तविक कीमत अलग होने पर किसानों को मिलने वाली रकम में भी अंतर आ सकता है. इसी वजह से अखिलेश यादव ने मांग की है कि जमीन अधिग्रहण के समय बाजार भाव को ध्यान में रखकर सर्किल रेट तय किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिल सके.