एग्रीवेट: UP Sugarcane कीमत: उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की नजरें अब राज्य सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं. चालू पेराई सीजन में गन्ने का भाव बढ़ाने को लेकर सरकार के स्तर पर मंथन चल रहा है. प्रदेश सरकार गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है. इससे राज्य के करीब 47 लाख गन्ना किसानों को फायदा मिल सकता है. किसान संगठन मौजूदा भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर इसे 500 रुपये करने की मांग कर रहे हैं. हालांकि, चीनी मिल मालिक इस बढ़ोतरी के पक्ष में नहीं हैं. ऐसे में दिवाली से पहले होने वाली अगली बैठक और उसके बाद कैबिनेट का फैसला काफी अहम माना जा रहा है.
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए मौजूदा पेराई सीजन का सबसे बड़ा मुद्दा गन्ने का भाव है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, किसान संगठनों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. खाद, बीज, सिंचाई, मजदूरी और कृषि कार्यों पर होने वाले खर्च के कारण गन्ना उत्पादन की लागत 400 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक पहुंच गई है. ऐसे में किसानों को उचित मुनाफा देने के लिए गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य में कम से कम 100 रुपये की बढ़ोतरी की जानी चाहिए. किसान मौजूदा 400 रुपये के भाव को बढ़ाकर 500 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे हैं.
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गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग पर चीनी उद्योग ने अपनी अलग दलील रखी है. मिल मालिकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में गन्ने की खरीद कीमत और कारखानों के संचालन का खर्च लगातार बढ़ा है. इसके बावजूद चीनी के बिक्री मूल्य में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है. इससे चीनी मिलों पर वित्तीय दबाव बढ़ा है. उद्योग का मानना है कि अगर गन्ने का भाव फिर बढ़ाया जाता है तो मिलों की आर्थिक स्थिति पर और असर पड़ सकता है. इसी वजह से चीनी उद्योग फिलहाल किसी नई बढ़ोतरी के पक्ष में नहीं दिखाई दे रहा है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गन्ने के नए भाव को लेकर मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में राज्य परामर्शित मूल्य सिफारिश समिति की बैठक आयोजित की गई. इसमें किसान संगठनों और चीनी उद्योग के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं. इसके साथ ही चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने बताया कि सभी पक्षों की राय जानने के लिए एक अंतिम परामर्श बैठक दिवाली से पहले आयोजित की जाएगी. इसके बाद विभागीय स्तर पर प्रस्ताव तैयार होगा. अगर सरकार गन्ने का भाव बढ़ाने का फैसला करती है तो प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा.
पिछले पेराई सीजन 2025-26 में उत्तर प्रदेश सरकार ने अगेती किस्म के गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य 30 रुपये बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया था. वहीं, सामान्य किस्म का भाव 30 रुपये बढ़ाकर 390 रुपये प्रति क्विंटल किया गया था. अनुपयुक्त किस्म के गन्ने का मूल्य 355 रुपये प्रति क्विंटल पर ही रखा गया था. अब किसान नए सीजन में इससे बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं. हालांकि, सरकार कितना भाव बढ़ाएगी और किसानों की 500 रुपये प्रति क्विंटल की मांग पर क्या फैसला होगा, यह अंतिम बैठक और कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा.