एग्रीवेट: भारतीय कॉफी के निर्यात में इस साल जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2026) के दौरान भारत से कॉफी का कुल निर्यात मात्रा के हिसाब से 25 प्रतिशत बढ़कर 2.42 लाख टन से अधिक हो गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 1.93 लाख टन था. कॉफी बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान भारतीय रुपये के संदर्भ में कॉफी निर्यात से कुल कमाई में 21 प्रतिशत का इजाफा हुआ और यह 9,164 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,118 करोड़ रुपये पर पहुंच गई.
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में आए उतार-चढ़ाव की वजह से डॉलर के रूप में कमाई की रफ्तार थोड़ी धीमी रही. डॉलर में कॉफी का कुल निर्यात 10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1.06 अरब डॉलर से बढ़कर 1.17 अरब डॉलर तक पहुंचा. वैश्विक कीमतों में इस अस्थिरता के कारण ही चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में प्रति टन मिलने वाली औसत दर 4.72 लाख रुपये से घटकर 4.59 लाख रुपये प्रति टन रह गई.
वहीं, चालू कैलेंडर वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 30 सितंबर तक भारतीय कॉफी के कुल निर्यात में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. इस अवधि के दौरान देश से कॉफी का निर्यात 24 प्रतिशत बढ़कर 3.67 लाख टन तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 2.96 लाख टन था. वहीं, मूल्य के लिहाज से डॉलर में निर्यात कमाई 11 प्रतिशत बढ़कर 1.79 अरब डॉलर (लगभग 1.61 अरब डॉलर से बढ़कर) हो गई है.
अरेबिका कॉफी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी: अरेबिका पार्चमेंट कॉफी के निर्यात में सबसे ज्यादा 33 प्रतिशत का इजाफा हुआ और यह 33,038 टन से बढ़कर 43,987 टन पर पहुंच गया. वहीं अरेबिका चेरी का निर्यात भी 16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 9,503 टन से बढ़कर 11,087 टन रहा.
रोबस्टा और इंस्टेंट कॉफी की मांग: रोबस्टा चेरी के निर्यात में 28 प्रतिशत की तेजी आई और यह 1.21 लाख टन से बढ़कर 1.55 लाख टन हो गया. इंस्टेंट (तैयार) कॉफी के निर्यात में भी 25.5 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जो 1.11 लाख टन से बढ़कर 1.34 लाख टन पहुंच गया. हालांकि, रोबस्टा पार्चमेंट का निर्यात 21,469 टन पर लगभग स्थिर बना रहा.
खास बात यह है कि भारतीय कॉफी की मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है. इटली लगातार भारतीय कॉफी का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है, जबकि इसके बाद जर्मनी, रूस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का स्थान है. निर्यात कंपनियों में ‘सीसीएल प्रोडक्ट्स इंडिया लिमिटेड’ सबसे बड़ी निर्यातक रही, जिसके बाद ‘लुई ड्रेफस कंपनी इंडिया’ और ‘एनकेजी इंडिया कॉफी’ का नाम शामिल है.
सितंबर 2026 में समाप्त हुए कॉफी फसल वर्ष 2025-26 के दौरान भारत का कुल कॉफी निर्यात 24.5 प्रतिशत बढ़कर 4.52 लाख टन पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष 3.63 लाख टन था. मूल्य के मामले में भी निर्यात में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 1.95 अरब डॉलर से बढ़कर 2.23 अरब डॉलर हो गया. उत्पादन के मोर्चे पर, भारत ने 2025-26 के फसल वर्ष में कुल 3.73 लाख टन कॉफी का उत्पादन किया, जिसमें 1.11 लाख टन अरेबिका और 2.62 लाख टन रोबस्टा कॉफी शामिल थी. वहीं, अक्टूबर से शुरू हो रहे नए फसल वर्ष 2026-27 के लिए कॉफी बोर्ड ने अपने शुरुआती अनुमान में कुल 4.04 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया है, जिसमें 1.20 लाख टन अरेबिका और 2.84 लाख टन रोबस्टा किस्म शामिल होगी.