एग्रीवेट: नोएडा की कंपनी अमामा एक्सपोर्ट्स ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के एक गांव के चार किसानों से सीधे अनार खरीदकर दुबई भेजा है. कंपनी ने कुल 1.3 टन अनार का निर्यात किया. खास बात यह है कि किसानों को स्थानीय मंडी के मुकाबले 50 फीसदी ज्यादा कीमत मिली है. वहीं, कंपनी को भी अपने पिछले ऑर्डर की तुलना में 40 फीसदी ज्यादा दाम मिले हैं. खास बात यह है कि कंपनी ने किसानों से 210 रुपये प्रति किलो के भाव से अनार खरीदा.
अमामा एक्सपोर्ट्स के सीईओ तन्मय तलवार ने बिजनेसलाइन से कहा कि कंपनी पहले भी देश के दूसरे राज्यों से अनार का निर्यात करती रही है, लेकिन कुल्लू से पहली बार अनार दुबई भेजा गया है. उन्होंने कहा कि दुबई के जिस सुपरमार्केट ने ऑर्डर दिया था, वहां पूरा अनार सिर्फ एक दिन में बिक गया. आयातक भी अनार की गुणवत्ता से काफी प्रभावित हुआ. उसके मुताबिक, उसने पहले कभी इस तरह की गुणवत्ता वाला अनार नहीं खरीदा था. कंपनी के सीईओ तन्मय तलवार ने बताया कि कुल्लू जिले के भुंतर में ही खेत पर अनार की शुरुआती छंटाई की गई थी. इसके बाद कंपनी के नोएडा स्थित गोदाम में अनार की दोबारा छंटाई की गई. फिर इन्हें पैक करके दिल्ली से हवाई जहाज के जरिए दुबई भेजा गया.
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अनार बेचने वाले चार किसानों में शामिल वीर सिंह गुलरिया ने बिजनेसलाइन को बताया कि उन्होंने निर्यात के लिए अनार बेचने में मदद के लिए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के हरप्रीत सिंह से संपर्क किया था. इसके बाद हरप्रीत सिंह ने उनकी मुलाकात तन्मय तलवार और उनकी टीम से कराई. टीम ने गांव पहुंचकर बगीचे में ही अनार की गुणवत्ता जांची.
गुलरिया के मुताबिक, कंपनी ने किसानों से 210 रुपये प्रति किलो के भाव से अनार खरीदा, जबकि उस समय स्थानीय मंडी में इसकी कीमत 130 से 140 रुपये प्रति किलो थी. वहीं, APEDA के असिस्टेंट जनरल मैनेजर हरप्रीत सिंह ने बताया कि एजेंसी ने 21 अक्टूबर को कुल्लू से सिंदूरी किस्म के अनार दुबई भेजने में मदद की थी. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश से अनार का निर्यात और बढ़ेगा.
हिमाचल प्रदेश के बागवानी विभाग के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य में 347.50 हेक्टेयर जमीन पर 1,638.05 टन अनार का उत्पादन हुआ. वहीं, APEDA के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को 38.1 लाख टन कृषि उत्पादों का निर्यात किया. इनकी कुल कीमत करीब 2.6 अरब डॉलर रही. UAE भारत से हर साल करीब 10 करोड़ डॉलर के अनार खरीदने वाले प्रमुख बाजारों में शामिल है. एक विशेषज्ञ के मुताबिक, अगर हिमाचल के बागवानों को ऐसी पहल के जरिए निर्यातकों से जोड़ा जाए तो उन्हें UAE के बाजार में अच्छी संभावनाएं मिल सकती हैं.
APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव ने कहा कि कुल्लू के अनार का निर्यात भारतीय किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है. ऐसी पहल से किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिल सकता है. निर्यातकों और किसानों के बीच सीधा संपर्क बढ़ने से भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के फल और अन्य बागवानी उत्पाद विदेशी बाजारों तक पहुंच सकेंगे. इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.
APEDA ने हिमाचल प्रदेश के कुछ अन्य उत्पादों की भी पहचान की है, जिनकी विदेशों में अच्छी मांग हो सकती है. इनमें जापानी फल (पर्सिमन), गुठली वाले फल, फलों का जूस और खाने के लिए तैयार उत्पाद शामिल हैं. APEDA के अधिकारी हरप्रीत सिंह के मुताबिक, अगर उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, निर्यातकों से संपर्क बढ़ाने और निर्यात से जुड़े नियमों का पालन करने पर ध्यान दिया जाए तो स्थानीय किसानों को विदेशी बाजारों में बेहतर अवसर मिल सकते हैं. अमामा एक्सपोर्ट्स के सीईओ तन्मय तलवार ने बताया कि उनकी कंपनी APEDA से मान्यता प्राप्त FPO के साथ मिलकर काम करेगी. इसका मकसद दूरदराज के इलाकों के किसानों को UAE, सऊदी अरब, ओमान और यूरोप के खरीदारों से जोड़ना है. इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बड़े बाजार मिल सकेंगे.