एग्रीवेट: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फसल बीमा का लाभ किसानों तक सही तरीके से पहुंचाया जाए. उन्होंने कहा कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए फसल बीमा एक सुरक्षा कवच की तरह काम करना चाहिए. इसके लिए गांव और खेत स्तर पर किसानों को जागरूक करने के साथ बीमा से जुड़े नियमों और दिशानिर्देशों की जानकारी भी दी जाए.
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अमरावती में कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने कहा कि इस सीजन में चक्रवात अर्नब और मुरासु लगातार आए, जिससे कृषि क्षेत्र को काफी नुकसान हुआ है. ऐसे में किसानों को फसल बीमा का पूरा फायदा मिलना जरूरी है. नायडू ने बताया कि इस साल खरीफ सीजन के लिए 22 फसलों को बीमा योजना के दायरे में रखा गया है. इनमें से 15 फसलों के लिए उपज आधारित बीमा और बाकी 7 फसलों के लिए मौसम आधारित बीमा लागू किया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है. फसल बीमा कवरेज देने के मामले में आंध्र प्रदेश देश में छठे स्थान पर पहुंच गया है.
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मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि इस साल राज्य में 17.07 लाख किसानों की फसलों को बीमा के दायरे में लाया गया है. कुल बीमित क्षेत्र में धान, अरहर, मूंगफली, कपास, मिर्च और मक्का की हिस्सेदारी करीब 90 फीसदी है. उन्होंने कहा कि राज्य के 16 चक्रवात प्रभावित जिलों में धान की खेती का बड़ा हिस्सा आता है. ऐसे में इन इलाकों के किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलना बेहद जरूरी है.
नायडू ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को फसल बीमा के साथ खेती के लिए इनपुट सब्सिडी (कृषि लागत पर आर्थिक मदद) भी दे रही है. दोनों योजनाओं का लाभ मिलने से किसान अपनी खेती में हुए नुकसान की भरपाई कर सकेंगे और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन किसानों ने बीमा प्रीमियम जमा किया है, उन सभी को समय पर मुआवजा मिलना चाहिए. किसी भी किसान को नुकसान नहीं उठाना पड़े. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसल कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiments-CCE) भी तय समय पर पूरा करने का निर्देश दिया. राज्य में कुल 30,286 फसल कटाई प्रयोग किए जाने हैं. इनकी मदद से फसलों की पैदावार का आकलन किया जाता है, जिसके आधार पर बीमा दावों का भुगतान तय होता है.