Rules Change: 1 नवंबर से जेब पर पड़ेगा असर! बैंक चार्ज से जीएसटी तक, जानें क्या-क्या बदला—पढ़ें इनसाइड स्टोरी – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: November Rules Change: नवंबर की शुरुआत के साथ बैंकिंग, टैक्स, निवेश और पेंशन से जुड़े कई नियमों में बदलाव की जानकारी सामने आई है. इनका असर बैंक ग्राहकों, निवेशकों, कारोबारियों और पेंशनर्स पर पड़ सकता है. क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर अतिरिक्त शुल्क से लेकर जीएसटी रिफंड और इनकम टैक्स रिटर्न की समयसीमा तक कई अहम बदलाव बताए गए हैं. इसके अलावा म्यूचुअल फंड निवेश और LPG सिलेंडर की कीमतों पर भी नजर रहेगी. आइए जानते हैं इन बदलावों से जुड़ी जरूरी बातें.

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के Visa और RuPay क्रेडिट कार्ड  से जुड़े शुल्क में बदलाव की जानकारी दी गई है. इसके तहत ATM से नकदी निकालने पर निर्धारित प्रतिशत या न्यूनतम शुल्क, जो भी अधिक हो, लागू हो सकता है. घरेलू ATM से निकासी पर भी अलग शुल्क बताया गया है. बिजली-पानी जैसे बिलों के अधिक मूल्य के भुगतान पर अतिरिक्त फीस लग सकती है. वहीं, IndusInd Bank के कुछ बचत खातों में पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण ट्रांजैक्शन फेल होने पर 25 रुपये शुल्क लगने की बात कही गई है. चेक रिटर्न के कुछ मामलों में भी शुल्क देना पड़ सकता है. ग्राहकों को सलाह है कि लेनदेन से पहले अपने बैंक की नई चार्ज लिस्ट जरूर देखें.

जीएसटी के तहत बिक्री  के बाद मिलने वाली छूट, क्रेडिट नोट और रिफंड से संबंधित प्रावधानों में बदलाव बताए गए हैं. कुछ मामलों में छूट को टैक्सेबल वैल्यू से घटाने के लिए शर्तें पूरी करनी होंगी. इसमें संबंधित इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) वापस करना भी शामिल हो सकता है. वहीं, असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए कुछ योग्य टैक्सपेयर्स को ITR दाखिल करने की समयसीमा में राहत मिलने की जानकारी दी गई है. बताया गया है कि निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कारोबारियों और पेशेवरों के लिए अंतिम तारीख 21 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है.

सरकारी पेंशन पाने  वाले 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स के लिए नवंबर में लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है. इसके लिए 1 से 30 नवंबर तक की समयसीमा बताई गई है. 80 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया अक्टूबर में शुरू हो चुकी है. पेंशनर्स बैंक की शाखा में जाकर या आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं. UPS पेंशनर्स के लिए भी डिजिटल प्रमाणपत्र की सुविधा बताई गई है. समय पर प्रमाणपत्र जमा नहीं होने पर पेंशन भुगतान प्रभावित हो सकता है.

म्यूचुअल फंड निवेश  के मामले में डायरेक्ट प्लान को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डिफॉल्ट विकल्प बनाने से जुड़ा बदलाव बताया गया है. रेगुलर प्लान चुनने वाले निवेशकों को उसकी लागत और एक्सपेंस रेशियो की जानकारी देना जरूरी हो सकता है. इसके अलावा Calling Name Presentation (CNAP) सेवा के जरिए आने वाली कॉल पर कॉल करने वाले का नाम दिखाने की व्यवस्था लागू करने की जानकारी दी गई है. इससे अनजान कॉल की पहचान करने में मदद मिल सकती है. LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा भी हर महीने की पहली तारीख को होती है. ऐसे में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के नए दामों पर नजर रखना जरूरी है. कीमतों में बदलाव होने पर इसका सीधा असर घरों और कारोबारों के बजट पर पड़ सकता है.

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