एग्रीवेट: उत्तर प्रदेश में अर्नब चक्रवात की वजह से हाल ही में आई भारी बेमौसम बारिश और तेज हवाएं चलने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. कटाई के तैयार और खेत में काटकर रखी गई धान भीग गई है. उड़द की फसल 80 फसीदी चौपट हुई है. जबकि, गन्ना को 20 फीसदी नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा मक्का को नुकसान हुआ है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने फसलों के नुकसान की भरपाई के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत पूर्वांचल के जिलों में सर्वे प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
यूपी में अर्नब तूफान की वजह से बिगड़े मौसम ने खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा दिया है. सबसे ज्यादा फसलें सीतापुर, चंदौली, देवरिया और अंबेडकरनगर सहित कई जिलों में प्रभावित हुई हैं. इसके अलावा पूर्वांचल के जिलों में पककर तैयार धान की फसल तेज हवाओं से जमीन पर बिछ गई और खेतों में पानी भरने से बालियां सड़ने या उगने (अंकुरित होने) लगी हैं. कुछ इलाकों में धान का नुकसान 40 फीसदी तक बताया जा रहा है.
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भारतीय किसान यूनियन अयोध्या के मंडल अध्यक्ष निसार मेहदी ने किसान इंडिया को बताया कि हरदोई, अयोध्या और बाराबंकी जिलों में सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है. धान के अलावा मक्का की फसल करीब 60 तक खराब हुई है. उड़द की फसल को करीब 80 फीसदी नुकसान हुआ है. जबकि, गन्ना 20 फीसदी तक प्रभावित हुआ है. इसके अलावा सब्जियों और दलहन-तिलहन की फसलों को भी भारी क्षति हुई है.
बदोसराय ग्राम पंचायत के प्रधान निसार मेहदी ने बताया कि केला के पौधे तेज हवा से नीचे गिर गए हैं या झुक गए हैं. जबकि, फूल झड़ने से फल लगने की संभावनाओं को चोट पहुंची है. जबकि, हरी सब्जियों वाली फसलों में पानी जमाव होने से नुकसान पहुंचा है. उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों से सर्वे कराकर फसल नुकसान की तत्काल भरपाई कराने की मांग की है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने और फसल नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा देने के शुक्रवार को निर्देश दिए. राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बारिश के कारण हुए फसलों के नुकसान, पशुहानि और मकान गिरने से प्रभावित लोगों को तत्काल मुआवजा देने को कहा और बेघर हुए परिवारों को राहत एवं शरणालय केंद्रों में पहुंचाने के निर्देश भी दिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और खराब हुई फसल का आकलन कर उन्हें जल्द क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से संवाद करने और उन्हें तत्काल हरसंभव सहायता मुहैया कराने को कहा. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.