एग्रीवेट: सूखा की चपेट से जूझ रहे कर्नाटक के किसानों के लिए 3705 करोड़ रुपये जारी किए जाने पर केंद्र सरकार विचार कर रही है. हालांकि, अभी इस पर फाइनल निर्णय बाकी है. दरअसल, कर्नाटक में भयंकर सूखे के चलते किसान मुश्किल में हैं. इस पर केंद्र के सहयोगी दल जेडीएस के प्रमुख एचडी कुमार स्वामी ने केंद्र सरकार से सहायता राशि जारी करने की मांग की है. एचडी कुमार स्वामी केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं. वहीं, राज्य के डिप्टी सीएम ने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में अनुमानित 82 फीसदी का नुकसान हुआ है. पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता घट गई है और पेयजल की कमी भी लगातार गंभीर होती जा रही है. उन्होंने कहा कि नुकसान आकलन रिपोर्ट लगभग तैयार हो गई है और उसे केंद्र सरकार को जल्द ही भेज दिया जाएगा.
कर्नाटक में भयंकर सूखे के चलते राज्य सरकार ने कुल 240 तहसीलों में से 226 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है. पीड़ित किसान राज्य और केंद्र सरकार से सहायता राशि का इंतजार कर रहे हैं. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमार स्वामी ने राज्य में सूखे को भयंकर आपदा बताया है. उन्होंने किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार से 3,705 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है. इस पर केंद्र के सकारात्मक रुख का जिक्र उन्होंने किया.
केंद्रीय मंत्री एचडी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक के लिए केंद्र से मदद मांगते हुए कहा कि राज्य में सूखे की गंभीर स्थिति और करीब 18,748.23 करोड़ रुपये के फसल नुकसान का हवाला दिया है. केंद्रीय मंत्री ने बीते 24 सितंबर को केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को चिट्ठी लिखकर बताया कि कर्नाटक में 34 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है. राज्य के 31 में से 30 जिले बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री ने कहा राज्य की 89 तहसीलों को गंभीर रूप से प्रभावित के रूप में क्लासिफाई किया गया है. सूखे ने कृषि क्षेत्र को बहुत नुकसान पहुंचाया है, जिससे 19.52 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल का नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि 3,705.30 करोड़ रुपये की मदद मांगी गई है. उन्होंने लेटर में लिखा कि हालात की गंभीरता और प्रभावित इलाकों में किसानों को हो रही मुश्किलों को देखते हुए जल्द से जल्द राशि जारी करने की मांग की गई. इस पर केंद्र सरकार ने एक इंटर-मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम कर्नाटक भेजी है.
कर्नाटक सरकार ने NDRF से आर्थिक मदद के लिए एक रिक्वेस्ट भेजी है और रिक्वेस्ट मिलने के तुरंत बाद 17 सितंबर को एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम बनाई गई थी. 5 दिन के आकलन के बाद, मदद जारी करने के लिए तय प्रक्रिया के तहत टीम की रिपोर्ट पर विचार किया गया है. IMCT की ओर से जमा की गई रिपोर्ट की जांच कृषि और किसान कल्याण विभाग के सचिव की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की एक उप-समिति कर रही है. केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता वाली एक उच्च-स्तरीय समिति मदद की रकम को जल्द ही मंजूरी देगी.
कर्नाटक के डिप्टी सीएम जी परमेश्वर ने कहा कि हाल में कुछ क्षेत्रों में बारिश हुई है, लेकिन राज्य के बड़े हिस्से में सूखे की गंभीरता कम नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में अनुमानित 82 फीसदी का नुकसान हुआ है. पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता घट गई है और पेयजल की कमी भी लगातार गंभीर होती जा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के 226 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है और सूखे के कारण कुल नुकसान 60,000 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है. परमेश्वर ने कहा कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है और केंद्र सरकार के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार फसल नुकसान का आकलन किया गया है. केंद्र से मदद मांगी गई है और राज्य सरकार भी अपने हिस्से की मदद राशि शीघ्र जारी करेगी.