अल नीनो बिगाड़ सकता है खेती का गणित! किसानों की फसल बचाने के लिए सरकार ने शुरू की तैयारी – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: El Nino 2026: अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए तेलंगाना सरकार सतर्क हो गई है. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को आने वाले 8 महीनों के लिए खास तैयारी करने के निर्देश दिए हैं. सरकार को आशंका है कि इस दौरान बारिश में कमी और पानी की किल्लत से खेती, बिजली की आपूर्ति और पीने के पानी पर दबाव बढ़ सकता है. ऐसे में किसानों की खड़ी फसलों को बचाने और लोगों को परेशानी से दूर रखने के लिए अभी से इंतजाम करने को कहा गया है.

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने शनिवार को हैदराबाद स्थित अपने आवास पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. इसमें अल नीनो के संभावित असर और उससे निपटने की तैयारी पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले आठ महीने काफी अहम रहने वाले हैं. इस दौरान पानी और बिजली की मांग बढ़ने के साथ इनकी उपलब्धता को लेकर भी मुश्किलें आ सकती हैं. सरकार का जोर इस बात पर है कि अगर बारिश कम होती है या सूखे जैसे हालात बनते हैं, तो उसका असर किसानों और आम लोगों पर कम से कम पड़े. इसके लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं.

अल नीनो का असर बारिश पर पड़ने की आशंका के बीच किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता सिंचाई की है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खेतों में खड़ी फसलों की स्थिति का जायजा लेने और फसल कटने तक पानी की जरूरत पूरी करने के इंतजाम करने को कहा है. उन्होंने सिंचाई के पानी का सही इस्तेमाल करने पर जोर दिया. अधिकारियों को यह देखना होगा कि उपलब्ध पानी का इस्तेमाल इस तरह हो कि फसलों को जरूरत के समय पानी मिल सके. अगर समय रहते सिंचाई की योजना नहीं बनाई गई, तो पानी की कमी से किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है.

कम बारिश और गर्मी के चलते बिजली की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए सरकार ने इस मोर्चे पर भी तैयारी शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार बिजली खरीदने के लिए तैयार है, लेकिन बाजार में पर्याप्त बिजली मिलना भी चुनौती हो सकती है. ऐसे में अधिकारियों को बिजली का सोच-समझकर इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. जहां जरूरी हो, ज्यादा बिजली खर्च करने वाले कुछ कामों को अस्थायी रूप से टालने के विकल्प भी तलाशे जाएंगे. मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को बिजली की उपलब्धता पर लगातार नजर रखने को कहा गया है.

सरकार अब अल नीनो के संभावित असर को लेकर लोगों को जागरूक करने की भी तैयारी कर रही है. दशहरा के बाद गांव, मंडल, जिला और राज्य स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने की योजना है. टीवी चैनलों, सिनेमा हॉल और सांस्कृतिक समूहों की मदद से भी लोगों तक जरूरी जानकारी पहुंचाई जाएगी. इसके अलावा, हालात पर नजर रखने के लिए वॉर रूम बनाने और टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू करने का सुझाव दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को जानकारी और मदद मिल सके.

बैठक में राज्य के करीब 215 मंडलों में सूखे जैसे हालात का मुद्दा भी उठा. राज्य सरकार ने केंद्र से इन इलाकों को सूखा प्रभावित घोषित करने और राहत के लिए 20,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग की है. इसके साथ ही सरकार चाहती है कि प्रभावित इलाकों में VB G RAM G (मनरेगा) के तहत सामान्य 125 दिनों के रोजगार के अलावा 50 दिन का अतिरिक्त काम दिया जाए. इससे खेती पर असर पड़ने की स्थिति में ग्रामीण परिवारों को कुछ अतिरिक्त कमाई का सहारा मिल सकता है.

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि अल नीनो, कम बारिश और किसानों की परेशानियों पर चर्चा के लिए जल्द ही मंत्रियों के साथ विशेष बैठक होगी. इसमें कम बारिश वाले इलाकों की स्थिति की समीक्षा कर राहत के जरूरी कदमों पर फैसला लिया जाएगा. फिलहाल सरकार का जोर पानी और बिजली की उपलब्धता बनाए रखने, खड़ी फसलों को बचाने और सूखे जैसे हालात से निपटने की तैयारी पर है. हालांकि, अल नीनो का वास्तविक असर कितना होगा, यह आने वाले समय में मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा.

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