एग्रीवेट: 26 सितंबर 2026, भोपाल: नलकूप ने बदली जिंदगी : अब खेती से हो रही डेढ़ लाख तक कमाई, जानिए कैसे – मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के कुंडम विकासखंड के ग्राम बार के किसान लखन सिंह मरकाम के लिए खेत में सिंचाई की सुविधा मिलना जिंदगी बदलने वाला कदम साबित हुआ। कभी बारिश के भरोसे असिंचित खेती करने वाले लखन सिंह की सालाना आमदनी करीब 30 हजार रुपए थी। परिवार का भरण-पोषण भी मुश्किल से हो पाता था। करीब दो साल पहले राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत उनके खेत में नलकूप खनन कराया गया। इसके लिए शासन की ओर से उन्हें 50 हजार रुपए का अनुदान मिला।
नलकूप से सिंचाई की सुविधा मिलने के बाद लखन सिंह ने खेती का दायरा बढ़ाया और अब वे खरीफ, रबी और ग्रीष्म तीनों मौसम में फसल ले रहे हैं। किसान के मुताबिक सिंचाई की सुविधा मिलने के बाद फसलों की पैदावार पहले की तुलना में दो से ढाई गुना तक बढ़ गई है।
लखन सिंह के पास 2.29 हेक्टेयर यानी 5.20 एकड़ जमीन है। वे खरीफ सीजन में धान, अरहर और कोदो की खेती करते हैं, जबकि रबी में गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें लेते हैं। इसके अलावा मूंग और उड़द की खेती भी करते हैं। वर्तमान में उनके खेत से करीब 60 क्विंटल धान, 45 क्विंटल गेहूं, 5 क्विंटल सरसों और 2 क्विंटल अरहर का उत्पादन हो रहा है। इन फसलों से उन्हें करीब 1 से 1.5 लाख रुपए तक की आमदनी हो जाती है। आमदनी बढ़ने से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और रहन-सहन भी पहले से बेहतर हुआ है।
लखन सिंह ने खेती से हुई बचत को खर्च करने के बजाय आय का दूसरा जरिया बनाने में लगाया। उन्होंने गांव में छोटी सी किराना दुकान खोल ली। इससे उन्हें सालाना करीब 50 हजार रुपए की अतिरिक्त आमदनी हो रही है।
लखन सिंह की पत्नी खेती-बाड़ी के काम में उनका सहयोग करती हैं। उनका बड़ा बेटा पटवारी के साथ सर्वेयर का काम करता है, जबकि दूसरा बेटा कंप्यूटर ऑपरेटर है। किसान लखन सिंह मरकाम के मुताबिक सिंचाई की सुविधा मिलने के बाद खेती की उत्पादकता और आमदनी दोनों बढ़ीं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है।