एग्रीवेट: इस साल शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि से होगी. इसी दिन घरों और मंदिरों में कलश स्थापना की जाएगी और मां भगवती के पहले स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना होगी.
इस साल अष्टमी तिथि की वृद्धि होने के कारण नवरात्र नौ की बजाय 10 दिनों के माने जाएंगे. अष्टमी तिथि दो दिन रहने की वजह से पूजा और व्रत का क्रम भी सामान्य से थोड़ा अलग रहेगा.
11 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि सूर्योदय से रात 8:37 बजे तक रहेगी. कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा. इसी शुभ समय में कलश स्थापना की जा सकती है.
महाअष्टमी का व्रत 18 अक्टूबर को रखा जाएगा. इसी दिन रात में निशा पूजा भी की जाएगी. अष्टमी तिथि के व्रत का पारण 19 अक्टूबर को सुबह 7:55 बजे के बाद किया जाएगा.
20 अक्टूबर को सुबह 9:35 बजे के बाद दशमी तिथि शुरू होगी. दोपहर में श्रवण नक्षत्र के संयोग के कारण इसी दिन विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा. इस तरह इस साल नवरात्र और दशहरा की तिथियां खास संयोग बना रही हैं.