VB-G RAM G में काम की मांग 34 फीसदी बढ़ी, सितंबर में 1.56 करोड़ परिवारों ने मांगा रोजगार, इस बड़े खुलासे से मचा हड़कंप – एग्रीवेट

Team Agrivate
5 Min Read

एग्रीवेट: Rural Employment: ग्रामीण इलाकों में रोजगार की जरूरत एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही है. जुलाई 2026 से MGNREGA की जगह शुरू की गई ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB G RAM G योजना के तहत सितंबर में काम मांगने वाले परिवारों की संख्या बढ़कर 1.564 करोड़ हो गई. पिछले साल सितंबर में MGNREGA के तहत काम मांगने वाले परिवारों की तुलना में यह करीब 34 फीसदी ज्यादा है. अगस्त के मुकाबले भी सितंबर में काम की मांग में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की जरूरत और खेती से जुड़ी गतिविधियों के बदलते हालात का संकेत मिलता है.

आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में करीब 1.24 करोड़ परिवारों ने योजना के तहत काम की मांग की थी. सितंबर में यह संख्या बढ़कर 1.564 करोड़ हो गई. यानी सिर्फ एक महीने में करीब 26.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. वहीं, सितंबर 2025 में MGNREGA के तहत करीब 1.17 करोड़ परिवारों ने काम की मांग की थी. इस तुलना में सितंबर 2026 में मांग लगभग 34 फीसदी ज्यादा रही. इस बढ़ोतरी को ग्रामीण रोजगार की जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, सिर्फ इन आंकड़ों से यह तय नहीं किया जा सकता कि, रोजगार की मांग बढ़ने की एक ही वजह है.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक, सितंबर में काम की मांग बढ़ने की एक वजह देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में मॉनसून का असमान रहना हो सकता है. महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में बारिश की स्थिति और खेती की गतिविधियों पर इसका असर पड़ा. जब खेती से जुड़े काम कम हो जाते हैं या बुवाई और दूसरी गतिविधियों में रुकावट आती है, तो ग्रामीण परिवार रोजगार के दूसरे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं. ऐसे में सरकारी रोजगार योजना के तहत काम की मांग बढ़ सकती है.

रिपोर्ट के अनुसार, VB G RAM G योजना के शुरुआती महीनों में राज्यों को इसके साथ तालमेल बैठाने में समय लगा होगा. अब व्यवस्था सामान्य होने और राज्यों में बुवाई से जुड़ी गतिविधियों के बीच आने वाला खाली समय खत्म होने के कारण भी सितंबर में काम की मांग बढ़ी हो सकती है. हालांकि, योजना के कामकाज की असली तस्वीर आने वाले महीनों में ज्यादा साफ होगी. खासकर अगर सूखे या बारिश की कमी के कारण खेती से जुड़े काम प्रभावित होते हैं, तो उस समय रोजगार की मांग में होने वाला बदलाव महत्वपूर्ण रहेगा.

सितंबर 2026 में योजना के तहत करीब 8.65 करोड़ व्यक्ति-दिन का रोजगार पैदा हुआ. यह आंकड़ा सितंबर 2025 के 11.99 करोड़ व्यक्ति-दिन के मुकाबले कम है. यानी सितंबर में काम मांगने वाले परिवारों की संख्या पिछले साल की तुलना में बढ़ी, लेकिन कुल काम के दिनों की संख्या कम रही. इससे यह संकेत मिलता है कि रोजगार मांगने वाले परिवारों और उन्हें उपलब्ध कराए गए कुल काम के दिनों के बीच अंतर रहा.

Share This Article