एग्रीवेट: Rajasthan Fertilizer Crisis: राजस्थान में रबी सीजन की शुरूआत के साथ ही खाद को लेकर सियासत तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि है कि, किसानों को जरूरत के समय खाद नहीं मिल रही है. उन्होंने कहा कि कमजोर मॉनसून से खरीफ की फसलों को नुकसान हुआ और अब किसानों के सामने रबी की बुवाई के लिए खाद की परेशानी सामने आ रही है.
वहीं, राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने इन आरोपों को भ्रामक बताते हुए इसरक जवाब भी दिया है. उनका दावा है कि प्रदेश में खाद का पर्याप्त भंडार है और किसानों को घबराकर जरूरत से ज्यादा खाद जमा करने की जरूरत नहीं है.
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर खाद की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कमजोर मॉनसून के कारण पहले ही किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं. अब रबी सीजन में खाद की जरूरत बढ़ने पर भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गहलोत के मुताबिक, सहकारी समितियों के जरिए खाद बांटने की व्यवस्था ठप होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ी हैं. उनका आरोप है कि किसान ऑनलाइन बुकिंग कराने के बाद भी खाद लेने के लिए केंद्रों पर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है. ऐसे में रबी की बुवाई के समय खाद की उपलब्धता किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई है.
गहलोत के आरोपों पर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि, राज्य में खाद की पर्याप्त व्यवस्था है. उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार केंद्र के साथ लगातार संपर्क में है और जिलों की जरूरत के हिसाब से खाद की आपूर्ति की जा रही है. कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा करके जरूरत से ज्यादा खाद न खरीदें. उनके मुताबिक, जिन जिलों और ब्लॉकों में खाद की मांग ज्यादा है या खपत बढ़ रही है, वहां जरूरत के अनुसार प्राथमिकता से खाद भेजी जा रही है.
कृषि मंत्री की ओर से बताए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अलग-अलग तरह की खाद का भंडार इस प्रकार है.
सरकार का कहना है कि खाद के इस भंडार और जिलों की मांग को ध्यान में रखकर आपूर्ति की योजना बनाई गई है. हालांकि, किसानों को खाद आसानी से मिल रही है या नहीं, इसे लेकर गहलोत और कृषि मंत्री के दावों में अंतर है.
राजस्थान सरकार इस रबी सीजन में दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने की भी तैयारी कर रही है. कृषि मंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार खाद्यान्न फसलों का रकबा कम करके दलहन और तिलहन की खेती बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. आंकड़ों के मुताबिक, रबी सीजन 2025-26 में राज्य में 39.8 लाख हेक्टेयर में तिलहन, 20.6 लाख हेक्टेयर में दलहन और 42.7 लाख हेक्टेयर में खाद्यान्न फसलें बोई गई थीं.
इस बार तिलहन का रकबा बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर और दलहन का रकबा 21.9 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा जा सकता है. सरकार के मुताबिक, इन फसलों की जरूरत को ध्यान में रखकर ही खाद की आपूर्ति और वितरण की योजना तैयार की जा रही है.