Farmers Protest: गन्ना किसानों के लिए मुख्यमंत्री की चेतावनी! कटाई में देरी हुई तो होगा बड़ा नुकसान – एग्रीवेट

Team Agrivate
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Farmers Protest: गन्ना किसानों के लिए मुख्यमंत्री की चेतावनी! कटाई में देरी हुई तो होगा बड़ा नुकसान - एग्रीवेट - Farmers Protest: गन्ना

एग्रीवेट: Sugarcane Farmers Protest: कर्नाटक के बेलगावी में गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रदर्शन कर रहे किसानों से गन्ने की कटाई फिर से शुरू करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि, अगर आंदोलन लंबा खिंचता है और गन्ने की कटाई में देरी होती है, तो इसका नुकसान किसानों को ही उठाना पड़ सकता है. खेतों में खड़ी फसल खराब होने के साथ चीनी मिलों का कामकाज भी प्रभावित हो सकता है.

मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उन्हें गन्ने का सही दाम दिलाने के लिए केंद्र सरकार के फैसले के मुताबिक भुगतान सुनिश्चित करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ है, लेकिन उन्हें अपनी तैयार फसल को बर्बाद होने से भी बचाना चाहिए.

बेलगावी में किसान गन्ने का बेहतर दाम देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि गन्ने की कीमत में बढ़ोतरी की जाए, ताकि उन्हें फसल की लागत और मेहनत के हिसाब से कमाई हो सके. डीके शिवकुमार ने कहा कि, पहले यह सहमति बनी थी कि गन्ने की कीमत तय करने का फैसला केंद्र सरकार करेगी और चीनी मिलें उसी के हिसाब से किसानों को भुगतान करेंगी. उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी किसानों को भरोसा दिलाया था कि केंद्र इस मामले में दखल देगा.

मुख्यमंत्री के मुताबिक, चीनी की कीमत में कम से कम 50 रुपये की बढ़ोतरी होनी चाहिए, ताकि गन्ना किसानों को बेहतर दाम मिल सके. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले आठ साल में चीनी की कीमत में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं हुई है.

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने की मांग की है. इसके अलावा वह संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से भी बात करेंगे, ताकि किसानों की मांग पर कोई रास्ता निकाला जा सके. उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार किसानों के हित में उनके साथ खड़ी है. हालांकि, उन्होंने किसानों से आंदोलन के बीच गन्ने की कटाई पूरी तरह बंद न करने की अपील की. उनका कहना है कि अगर खेतों में तैयार फसल खड़ी रह गई, तो किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है.

मुख्यमंत्री ने किसानों को आगाह किया कि गन्ने की कटाई में ज्यादा देरी होने से उसमें रस की मात्रा घट सकती है. इससे गन्ने की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है और किसानों को मिलने वाले दाम पर भी असर पड़ सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि खेतों में लंबे समय तक खड़ी फसल में आग लगने का खतरा बढ़ सकता है.

शिवकुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से पहले सितंबर में ही गन्ने की कटाई शुरू करने के निर्देश मिले थे. लेकिन किसानों और दूसरे संबंधित लोगों से बातचीत के बाद यह तय किया गया कि उस समय फसल पूरी तरह तैयार नहीं थी. जल्दी कटाई करने से गन्ने में रस की मात्रा कम हो सकती थी. ऐसे में अब सरकार के सामने किसानों को बेहतर दाम दिलाने और तैयार फसल को नुकसान से बचाने की चुनौती है. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए इस विवाद का हल निकलेगा और किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिल सकेगा.

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