एग्रीवेट: हरियाणा में वादे के बाद भी धान खरीद शुरू नहीं होने और जिलावार धान खरीद पर कैपिंग लगाने के साथ ही फसल पंजीकरण और वेरीफिकेशन में आ रही दिक्कतों से नाराज किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया. सिरसा जिले के रोड़ी अनाज मंडी में एक हफ्ते से खरीद के इंतजार में 2300 क्विंटल से ज्यादा धान उपज पड़ी हुई है. यहां जुटे सैकड़ों किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और किसानों के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी और सीएम नायब सैनी की तस्वीरों वाला पुतला जलाया. किसान नेता लखविंदर सिंह औलख और गुरप्रीत सिंह जैलदार ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार खरीद कैपिंग समेत अन्य कठोर नियमों को वापस नहीं लेती है तो किसान और मजदूर सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे.
हरियाणा में किसानों के साथ हो रही अन्याय और धान खरीद में देरी के साथ मनमाने नियम बनाए जाने के विरोध में हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर हजारों की संख्या में जुटे किसानों ने सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया . भारतीय किसान एकता (बीकेई) के नेता गुरप्रीत सिंह जैलदार के नेतृत्व में सिरसा की रोड़ी अनाज मंडी में किसानों ने हरियाणा सरकार का पुतला फूंका. किसानों ने कहा कि अनाज मंडी सचिव और सरकार के लोग किसानों को सहूलियत देने की बजाय मुश्किलें बढ़ा रहे हैं और मनमानी कर किसानों को परेशान किया जा रहा है.
भारतीय किसान एकता के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि राज्य भर की अनाज मंडियों में धान खरीद में हो रही देरी, जिलेवार लगाई गई खरीद लिमिट (कैपिंग), फसल पंजीकरण और वेरिफिकेशन की जटिल प्रक्रियाओं से किसान बुरी तरह परेशान हैं. सरकार के इन्हीं किसान विरोधी फरमानों के खिलाफ आज पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन कर पीएम मोदी और सीएम सैनी की तस्वीरों वाले पुतले दहन किए गए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नियमों का हवाला देकर अनाज मंडी के अधिकारी किसानों को परेशान कर रहे हैं और धान की खरीद नहीं की जा रही है.
लखविंदर औलख ने बताया कि किसानों की मांग है कि फसल कटाई के लिए कंबाइन का समय तय करने और जिलेवार धान खरीद पर लगाई गई लिमिट/कैप को तुरंत रद्द किया जाए. 21 से 27 सितंबर तक खोले गए पोर्टल पर जिन किसानों ने आवेदन किए हैं, उनका पंजीकरण और वेरिफिकेशन तुरंत प्रभाव से पूरा किया जाए, ताकि वे अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेच सकें.
किसान नेता ने बताया कि रोड़ी अनाज मंडी में 27 सितंबर से खरीद के इंतजार में 2300 क्विंटल से ज्यादा धान उपज पड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि किसान भूपेंद्र सिंह की 8 एकड़ की धान, जरनैल सिंह के 14 एकड़ के उपज, जंटा सिंह की 11 एकड़ की फसल और सेवा सिंह के 5 एकड़ सहित 2300 क्विंटल से ज्यादा धान पड़ी है. 12 फीसदी से 15 प्रतिशत नमी होने के बावजूद अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है, जिससे फसलों के चोरी होने का खतरा बना हुआ है. जबकि, किसान भूपेंद्र सिंह की धान चोरी भी हो चुकी है.
लखविंदर औलख ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट मार्केटिंग एन्फोर्समेंट ऑफिसर (डीएमई) राहुल कुंडू से फोन पर बात कर मंडियों की स्थिति से अवगत कराया. डीएमई ने आश्वासन दिया कि राइस मिलरों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सोमवार से खरीद शुरू कर दी जाएगी. औलख ने मांग रखी कि सभी मंडियों व फोकल पॉइंटों पर फ्लेक्स बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर फसल खरीद खर्च व मजदूरी अंकित हो, ताकि पारदर्शिता बनी रहे. लखविंदर सिंह औलख और गुरप्रीत सिंह जैलदार ने चेतावनी देते हुए कि यदि सरकार ने ये किसान विरोधी फैसले और शर्तें तुरंत वापस नहीं लीं तो किसान व मजदूर सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी.