एग्रीवेट: Madhya Pradesh Farmers News: मध्य प्रदेश के जबलपुर के युवा किसान विपिन तिवारी सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपनी खेती को आधुनिक तरीके से कर रहे हैं. कस्टम हायरिंग सेंटर योजना से सब्सिडी पर क़ृषि यंत्र खरीदे हैं और खुद तो उन यंत्रों से खेती कर रहे हैं आसपास के किसानों को भी किराए पर यंत्र उपलब्ध कराकर कमाई कर रहे हैं. वह सुपर सीड ड्रिल के अलावा ट्रैक्टर, पावर स्प्रे पंप और कल्टीवेटर जैसे कृषि उपकरण किसानों को उपलब्ध करा रहे हैं. उनकी सालाना कुल आमदनी करीब 10 लाख रुपये है और इसमें से उन्हें 4.50 लाख रुपये तक का मुनाफा हासिल हो रहा है.
मध्य प्रदेश के जबलपुर कृषि विभाग के अनुसार जिले के कई युवाओं को कस्टम हायरिंग योजना के तहत सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं. इस योजना का लाभ लेने वालों में जबलपुर जिले के सिहोरा विकासखंड के ग्राम भदम के 36 वर्षीय युवा किसान विपिन तिवारी भी हैं. विपिन ने कंप्यूटर साइंस में बीएससी करने के बाद अपनी 8 एकड़ पैतृक कृषि भूमि को पर आधुनिक कृषि यंत्रों के जरिए खेती कर रहे हैं और अपनी कृषि भूमि को मॉडल फार्म के रूप में विकसित किया. उन्होंने 2024-25 में शासन की कस्टम हायरिंग सेंटर योजना का लाभ लेकर आधुनिक कृषि यंत्रों का केंद्र भी स्थापित किया है.
विपिन के कस्टम हायरिंग सेंटर से भदम, खजरी, घुटना और पौड़ी सहित आसपास के गांवों के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इससे क्षेत्र में सुपर सीड ड्रिल से नरवाई जलाए बिना समय पर सीधी बुवाई को बढ़ावा मिल रहा है, जबकि स्ट्रॉ रीपर से फसल अवशेषों का उपयोग भूसा के रूप में किया जा रहा है. विपिन के कस्टम हायरिंग सेंटर से सुपर सीड ड्रिल के अलावा ट्रेक्टर, पावर स्प्रे पंप और कल्टीवेटर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र भी किफायती किराए पर किसानों को उपलब्ध कराये जा रहे हैं. इससे क्षेत्र के ऐसे छोटे और सीमांत किसानों को अधिक लाभ मिल रहा है जो आधुनिक और महंगे कृषि उपकरण खरीद नहीं सकते.
विपिन तिवारी ने करीब 25 लाख रुपये की लागत से सीड ड्रिल और स्ट्रॉ रीपर, लेजर लैंड लेवलर, रोटावेटर, कल्टीवेटर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र खरीदे. इस परियोजना के लिए कृषि अभियांत्रिकी विभाग से उन्हें 7 लाख 92 हजार रुपये की सब्सिडी भी मिली है. इसी सहयोग से उन्होंने गांव में कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की, जहां से किसान किराये पर आधुनिक कृषि यंत्र लेकर खेती के कार्य आसानी से कर रहे हैं.
कृषि यंत्रों के साथ युवा किसान विपिन तिवारी (नीली जैकेट).
विपिन तिवारी अपने खेत से सालाना करीब 10 लाख रुपये की आमदनी हासिल कर रहे हैं. वहीं कस्टम हायरिंग सेंटर से भी उनकी कमाई हो रही है. खर्च निकालने के बाद उन्हें करीब 4 से 4.50 लाख रुपये का शुद्ध वार्षिक लाभ मिल रहा है. विपिन तिवारी का कृषि यंत्रीकरण से आत्मनिर्भरता और ग्रामीण रोजगार का यह मॉडल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी उपयोगी साबित हो रहा है.