एग्रीवेट: खेती से पक्की कमाई नहीं होने से कई सामाजिक संकट पनपते जा रहे हैं. यह संकट शादी नहीं होने से लेकर आत्महत्या तक पहुंच रहे हैं. बीते दिनों आंध्र प्रदेश में रिलायंस समूह के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने खेती से कमाई नहीं होने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि अनिश्चित आय के कारण युवा खेती छोड़ रहे हैं. अब कर्नाटक के किसान ने भरी जनसभा में सीएम डीके शिवकुमार से कहा कि जो युवा खेती करते हैं उनकी शादी नहीं हो रही है. इसीलिए युवा किसान आत्महत्या भी कर रहे हैं. उसने युवा किसानों को राहत देने के लिए सीएम से दुल्हन तलाशने की योजना लाने की मांग की है.
खेती में कमाई नहीं होने से आर्थिक संकट से किसान जूझ रहे हैं. यही वजह है कि किसान और ग्रामीण समुदायों के पास संसाधनों की कमी है. ऐसे में युवा किसानों की शादियां तक नहीं हो पा रही हैं. ताजा मामला कर्नाटक से जुड़ा है. यहां पर मैसुरु में पिरियापटना में ‘प्रजा सेवा’ कार्यक्रम के दौरान युवा किसान ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से कर्नाटक में किसानों के लिए दुल्हन तलाशने की योजना की मांग करते हुए गुहार लगाई.
कर्नाटक के मौसुरु में एक किसान ने शनिवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से अविवाहित पुरुषों, खासकर किसानों के लिए दुल्हन तलाशने में मदद करने वाली योजना बनाने की मांग की. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार किसान ने कहा कि 35 से 40 वर्ष की उम्र के कई पुरुष अब भी अविवाहित हैं और निराशा में आत्महत्या कर रहे हैं. उसने कहा कि कई आत्महत्या के मामले देखे गए हैं, जबकि कई युवा किसान हताशा में हैं.
उसने कहा कि किसान घर और जमीन होने के बावजूद शादी नहीं कर पा रहे हैं और माता-पिता अपनी बेटियां किसानों के परिवारों में नहीं देना चाहते. उसने कहा कि यह पूरे राज्य की समस्या है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने किसान की बात पर हंसकर जवाब दिया और कहा, ‘क्या? क्या हुआ है?’ इसके बाद किसान ने फिर से कहा कि ’35 से 40 साल की आयु के कई पुरुष अभी भी अविवाहित हैं. बेचारे आत्महत्या कर रहे हैं. वे जीवन से निराश हो चुके हैं. उन्हें शादी करने के लिए महिलाओं की जरूरत है. मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि दुल्हन तलाशने की योजना लाई जाए.
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने बीते शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली में चिंता जताते हुए कहा कि अनिश्चित आय और सीमित अवसरों के चलते कई युवा खेती से दूर हो रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि युवा खेती इसलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें इसमें भविष्य सुरक्षित नहीं दिखता और कमाई की कोई निश्चितता नहीं होती. उन्होंने यहां एक लाख करोड़ रुपये के वैश्विक बागवानी केंद्र और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के शिलान्यास समारोह के दौरान जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता से लैस होना होगा ताकि वे अपने गांवों में ही सफल भविष्य बना सकें.