एग्रीवेट: प्रधानमंत्री Kisan 25th Installment: पीएम किसान सम्मान निधि की 25वीं किस्त को लेकर फर्रुखाबाद के करीब 43 हजार किसानों की चिंता बढ़ गई है. फार्मर आईडी को लेकर शासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, उन्हें फरवरी 2027 में जारी होने वाली 25वीं किस्त से वंचित होना पड़ सकता है. जिले में 2,50,162 पंजीकृत किसानों में अब तक 2,06,753 किसानों की ही फार्मर आईडी बन सकी है.
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए की गई थी. अब किसानों की डिजिटल पहचान को मजबूत करने के लिए फार्मर आईडी बनाने का काम चल रहा है. शासन के निर्देश के तहत सभी किसानों की शत-प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए राजस्व विभाग और कृषि विभाग को जिम्मेदारी दी गई है. स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी होगी, उन्हें फरवरी 2027 में जारी होने वाली पीएम किसान की 25वीं किस्त का लाभ नहीं मिल सकेगा. इसलिए विभाग फरवरी 2027 से पहले सभी पात्र किसानों की फार्मर आईडी पूरी कराने की कोशिश कर रहा है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फर्रुखाबाद में फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया करीब एक साल से चल रही है. इसके बावजूद जिले के सभी पंजीकृत किसानों की आईडी अभी तक नहीं बन पाई है. कुल 2,50,162 पंजीकृत किसानों में 2,06,753 की फार्मर आईडी तैयार हो चुकी है, जबकि करीब 43 हजार किसान अभी इससे बाहर हैं. फार्मर आईडी बनाने का काम पूरा करने के लिए राजस्व और कृषि विभाग के स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं. शासन की ओर से शत-प्रतिशत किसानों की आईडी तैयार करने पर जोर दिया गया है.
कई किसानों की फार्मर आईडी बनने में रिकॉर्ड से जुड़ी दिक्कतें भी सामने आ रही हैं. जिला कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आधार कार्ड और खतौनी में किसान के नाम की वर्तनी या अन्य विवरण अलग होने के कारण कई मामलों में आईडी नहीं बन पा रही है. करीब 15 हजार किसानों के नाम अभी वरासत में दर्ज नहीं हैं. इस वजह से भी उनकी फार्मर आईडी तैयार करने में परेशानी आ रही है. किसानों के रिकॉर्ड में इन कमियों को दूर करना अब विभाग के सामने बड़ी चुनौती है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उप जिला कृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र के मुताबिक, जिले में 2,50,162 किसानों में से 2,06,753 की फार्मर आईडी बन चुकी है और करीब 43 हजार किसानों की आईडी बनना बाकी है. शासन के निर्देश के बाद विभाग का लक्ष्य फरवरी 2027 से पहले शत-प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी तैयार करना है. ऐसे में जिन किसानों की आईडी अभी नहीं बनी है, उनके लिए रिकॉर्ड में मौजूद नाम, आधार और भूमि संबंधी जानकारी को जल्द दुरुस्त कराना जरूरी होगा. इससे 25वीं किस्त के समय किसी तरह की परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है.