एग्रीवेट: हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने सिरसा जिले की अनाज मंडियों का दौरा कर किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी पूरी धान की उपज खरीदेगी. उन्होंने कहा कि जिन किसानों की उपज तय औसत से ज्यादा है, उनका अतिरिक्त धान भी खरीदा जाएगा. इस दौरान उन्होंने धान खरीद की व्यवस्था का जायजा लिया और किसानों व आढ़तियों से बातचीत की. हालांकि, एक किसान संगठन ने सरकार पर मंडियों की जमीनी समस्याओं को नजरअंदाज करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि .
श्याम सिंह राणा ने कहा कि जिन किसानों की धान की उपज तय औसत से ज्यादा है, वे अपनी अतिरिक्त उपज का ब्योरा लिखित आवेदन में देकर संबंधित मार्केट कमेटी के सचिव को सौंप सकते हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे मामलों में 48 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी. कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों से खरीदे गए धान का समय पर उठान किया जाए. उन्होंने कहा कि मंडियों में पर्याप्त बारदाने और भंडारण की व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही, किसानों को पीने का साफ पानी और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए. मंत्री के मुताबिक, नियमों के तहत 17 फीसदी तक नमी वाला धान खरीदा जा रहा है.
राणा ने किसानों को खाद की पर्याप्त आपूर्ति और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि धान की खेती छोड़कर कपास की खेती अपनाने वाले किसानों को फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए 10,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. वहीं, भारतीय किसान एकता (BKE) के सिरसा जिला अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कृषि मंत्री के दौरे की निशाना साधते हुए तीखा हमला बोला . उन्होंने इसे केवल ‘फूलों का गुलदस्ता देने और फोटो खिंचवाने का कार्यक्रम’ बताया.
भारतीय किसान एकता (BKE) के सिरसा जिला अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को सरकारी पोर्टल पर फसल का पंजीकरण और सत्यापन कराने में परेशानी हो रही है. इसके अलावा, प्रति एकड़ धान खरीद की सीमा और उपज बेचने में देरी जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है. औलख ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि धान में नमी की जांच के नाम पर भी किसानों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने खाद की कमी, कालाबाजारी और खाद के असमान वितरण का मुद्दा भी उठाया.
उन्होंने कहा कि किसानों को खेती पर ध्यान देने के बजाय कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए कभी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) तो कभी अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. लखविंदर सिंह औलख ने कृषि मंत्री से रबी की बुवाई से पहले नहरों में पानी की कमी दूर करने की मांग की. उन्होंने नहरों, घग्गर नदी, रंगोई चैनलों और छोटी जलधाराओं की सफाई व मरम्मत कराने की भी मांग उठाई, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके. वहीं, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने आढ़तियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी.