हरियाणा की मंडियों में पहुंच रहा यूपी का धान! खरीद नियमों के उल्लंघन की आशंका..किसान नाराज – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: हरियाणा के करनाल जिले की अनाज मंडियों में उत्तर प्रदेश से धान पहुंचने लगा है. जबकि राज्य में हरियाणा के बाहर से धान लाने पर रोक है. इसके बावजूद करनाल, घरौंडा, इंद्री, कुंजपुरा समेत कई मंडियों में यूपी के धान की आवक होने की खबरें सामने आई हैं. इससे सरकारी खरीद में गड़बड़ी और पोर्टल के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है.

हरियाणा सरकार ने धान की खरीद से पहले ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर दर्ज फसल और जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन अनिवार्य  किया है. सत्यापन के बाद ही किसानों को मंडियों में फसल लाने के लिए गेट पास जारी किए जाते हैं. इसके बावजूद दूसरे राज्य से धान पहुंचने के मामलों ने खरीद प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं. भारतीय किसान यूनियन (सर छोटूराम) ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि है कि कुछ व्यापारी, आढ़ती और चावल मिल मालिक हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के अधिकारियों की मिलीभगत से उत्तर प्रदेश से सस्ता धान हरियाणा की मंडियों में ला रहे हैं. संगठन का कहना है कि ऐसा अधिक मुनाफा कमाने के लिए किया जा रहा है.

यूनियन के प्रवक्ता बहादुर सिंह मेहला ने से मंडियों में पहुंच रहे परमल (PR) धान के स्रोत पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मांग की है कि चावल मिलों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाए. साथ ही, गड़बड़ी में शामिल व्यापारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई  की जाए. इस बीच, जिला प्रशासन ने अनाज मंडियों और हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है. अतिरिक्त उपायुक्त राहुल रैया ने द ट्रिब्यून को बताया कि एसडीएम को मंडियों में धान की आवक पर नजर रखने और उपज का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी. मंडियों में आने वाले हर धान की उचित जांच सुनिश्चित की जाएगी.

हालांकि, सितंबर महीने में ही खरीद में गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी थीं. तब करनाल के डिप्टी कमिश्नर आनंद कुमार शर्मा ने कहा था कि हरियाणा-UP बॉर्डर पर दो नाके लगाकर दूसरे राज्यों से आने वाले धान की जांच  होगी. सभी मंडियां CCTV की निगरानी में रहेंगी. SDM को गेट पास व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है. साथ ही उन्होंने कहा था कि पुलिस अधिकारियों को भी जिले की सीमाओं पर सख्त निगरानी रखने और बिना अनुमति धान की आवक रोकने के निर्देश दिए गए हैं. अगर इतनी सख्ती के बावजूद यूपी से अवैध रूप से धान की आवक हो रही है, तो यह चिंता का विषय है.

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