एग्रीवेट: आंध्र प्रदेश अंडा उत्पादन के मामले में देश में पहले स्थान पर रहा है. राज्य के पशुपालन मंत्री के. अच्चन्नायडू ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य में 2,739 करोड़ से ज्यादा अंडों का उत्पादन हुआ. इसके साथ ही आंध्र प्रदेश देश का सबसे बड़ा अंडा उत्पादक राज्य बन गया. विश्व अंडा दिवस के मौके पर जारी आधिकारिक बयान में मंत्री ने कहा कि इस दौरान देश में कुल 14,911 करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ. इसमें आंध्र प्रदेश की हिस्सेदारी 18 फीसदी से ज्यादा रही. मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए राज्य के किसानों की सराहना की. उन्होंने कहा कि सरकार पोल्ट्री सेक्टर को और मजबूत करेगी, ताकि अंडा उत्पादन में राज्य की शीर्ष स्थिति बनी रहे और किसानों को भी प्रोत्साहन मिले.
मंत्री के. अच्चन्नायडू ने कहा कि राज्य में पोल्ट्री सेक्टर को ‘स्वर्ण आंध्र-2047’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों के अनुरूप विकसित किया जाएगा. इसके लिए आंध्र प्रदेश पोल्ट्री विकास नीति 2026-29 अहम भूमिका निभाएगी. सरकार राज्य में अंडों की खपत बढ़ाने के साथ पोल्ट्री उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा देने पर काम कर रही है.
मंत्री के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में हर व्यक्ति सालाना औसतन 108 अंडे खाता है, जबकि देश का औसत 104 अंडे है. उन्होंने कहा कि अगर प्रति व्यक्ति अंडों की सालाना खपत बढ़कर 180 हो जाए, तो राज्य में हर साल 959 करोड़ अंडों की मांग होगी. वहीं, देशभर में यह मांग बढ़कर 26,280 करोड़ अंडे सालाना हो सकती है. अच्चन्नायडू ने कहा कि अंडों की खपत बढ़ने से पोल्ट्री किसानों को नियमित आमदनी मिलेगी. साथ ही, उपभोक्ताओं को बेहतर कीमत पर प्रोटीन से भरपूर भोजन उपलब्ध हो सकेगा.
आंध्र प्रदेश के अलावा तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल भी देश के प्रमुख अंडा उत्पादक राज्यों में शामिल हैं. इन राज्यों में पोल्ट्री फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकारी योजनाओं और निजी निवेश की मदद ली जा रही है. इन राज्यों में अंडों की मांग ज्यादा होने के साथ बेहतर परिवहन सुविधाएं भी हैं, जिससे अंडों को अलग-अलग बाजारों तक पहुंचाना आसान होता है.
चीन दुनिया में अंडों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है. वहां बड़े पैमाने पर पोल्ट्री फार्म चलाए जाते हैं और उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. चीन की बड़ी आबादी के कारण घरेलू बाजार में भी अंडों की मांग काफी रहती है. वहां कृषि से जुड़ी बेहतर सुविधाएं बड़े पैमाने पर अंडा उत्पादन में मदद करती हैं.