एग्रीवेट: 09 अक्टूबर 2026, भिंड: भिंड : ड्रिप सिंचाई से बदली शुभम सिंह की किस्मत – मध्य प्रदेश के भिंड जिले के ग्राम मानहड़ के निवासी किसान श्री शुभम सिंह भदौरिया ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाकर न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि खेती को लाभदायक और टिकाऊ भी बना दिया।
पारंपरिक से आधुनिक खेती तक का सफर – श्री शुभम सिंह भदौरिया, पुत्र श्री आदेश सिंह भदौरिया, पहले गेहूं और सरसों की पारंपरिक खेती करते थे। इसमें लागत अधिक होने के बावजूद उत्पादन लगातार कम होता जा रहा था। उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और विभिन्न योजनाओं के सहयोग से उन्होंने उद्यानिकी फसलों का उत्पादन शुरू किया।
ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का जादू– प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत स्थापित ड्रिप सिंचाई संयंत्र और मल्चिंग तकनीक ने खेती की तस्वीर ही बदल दी। पपीता की खेती में ड्रिप सिंचाई अपनाने से जहां पानी की भारी बचत हुई, वहीं मल्चिंग के उपयोग से खेत में खरपतवार कम हुए। इससे खरपतवार नाशक दवाइयों पर होने वाला खर्च घटा और फसल में रोग-बीमारियां भी कम हुईं।
लागत में कमी, आय में वृद्धि – श्री शुभम सिंह भदौरिया के भाई श्री अमित सिंह भदौरिया, जो कि फसलों की देखभाल करते हैं। उन्होंने बताया कि रासायनिक दवाइयों और खाद का उपयोग कम होने से न केवल खेती की लागत घटी, बल्कि भूमि की उर्वरता में भी सुधार हुआ। पपीता की खेती के साथ में मौसमी सब्जियों जैसे पालक, मूली, लहसुन, प्याज, तुअर दाल ग्वार फली, पत्ता गोभी आदि का उत्पादन भी कर रहे हैं। ड्रिप सिंचाई के कारण फसल की उपज में 30-40% तक की बढ़ोतरी हुई, जबकि पानी की खपत 20-30% कम हुई।
अन्य किसानों के लिए प्रेरणा – श्री भदौरिया की यह सफलता की कहानी जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनी है। PMKSY के तहत छोटे और सीमांत किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम लगवाने पर 55% और अन्य किसानों को 45% वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे अधिक से अधिक किसान आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाकर लाभान्वित हो रहे हैं।