प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना में उमरिया जिले को मिला तीसरा स्थान, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: 09 अक्टूबर 2026, उमरिया: प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना में उमरिया जिले को मिला तीसरा स्थान –  प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना 2026 के अंतर्गत जिले में किए गए कार्यो की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। गत अगस्त माह की समीक्षा में उमरिया जिले ने पूरे देश में इस योजना में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।भारत सरकार में पदस्थ आई ए एस अधिकारी एवं जिले के नोडल अधिकारी श्री तरुण पिथोड़े ने  जिले का भ्रमण कर योजना अंतर्गत किए जा रहे कार्यो का मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण किया, तदुपरांत संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक ली।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में श्री पिथौड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना में जिले में उल्लेखनीय प्रगति की है। कृषि के साथ साथ अन्य संबंधित सेक्टरों में किसानों की आय  बढ़ाने  तथा कृषि उत्पादकता को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही गतिविधियां प्रशंसनीय  है। उन्होंने कहा कि योजना से सम्बध्द किसी एक सेक्टर में जिले में ऐसा कार्य किया जाए, ताकि वह देश में अव्वल हो और उमरिया जिले का देश में नाम हो। उन्होंने कहा कि जिले में उत्पादित हो रहे श्री अन्न की गुणवत्ता के साथ अच्छी पैकिंग कर बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए जिससे जिले की पहचान बन सके। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों में रोजगार के उद्देश्य से स्थानीय लोगों को विभिन्न सेक्टर में प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वावलंबी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि , उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, ग्रामीण विकास तथा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किसानों को दी गई सहायता से उनकी आय में हुई वृद्धि का भी विभिन्न माध्यमों से प्रचार प्रसार किया जाए, ताकि अन्य किसान भी इससे प्रेरणा लेकर उत्पादन एवं आय में वृद्धि कर सके।

बैठक में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने बताया कि पहले इस जिले के किसान सिर्फ धान का ही उत्पादन करते थे, अब जिले में दलहन एवं तिलहन के फसलों के उत्पादन को  बढ़ावा  देने के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को जैविक खेती करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।  उन्होंने  कहा कि यह प्रयास किया जा रहा है, कि जिले के किसी एक गांव को प्राकृतिक खेती करने वाले गांव के तौर पर विकसित किया जाए और उस गांव के सभी किसान प्राकृतिक खेती करें और रासायनिक खाद का उपयोग कतई न करें।

बैठक में प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना अंतर्गत जिले में कृषि उत्पादकता में सुधार, फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि अधोसंरचना को सुदृढ करने तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से  जोड़ने  के साथ ही फसल बीमा , पीएम किसान निधि, भू अभिलेखों का डिजिटाईजेशन के संबंध में विस्तार से जानकारी ली गई  ।  इस अवसर पर बताया गया कि जिले में कृषि यंत्र के लिए 348 आवेदन प्राप्त हुए है। जिले में चालू वर्ष में अभी तक 7  हजार  मीट्रिक  टन मत्स्य उत्पादन हुआ है। इसके साथ ही पशुपालन विभाग द्वारा 2 लाख 65 हजार पशुओं  का टीकाकरण किया गया है तथा 16 हजार 706  पशुओं  में ए आई किया गया।

बैठक में बताया गया कि जिले में एफपीओ में 4500 सदस्य   जुड़ चुके हैं। किसानों   को कृषि संबंधी जानकारी तथा तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने व संसाधनों के बेहतर उपयोग से उत्पादन एवं आय में हुई वृद्धि की भी जानकारी बैठक में  दी गई। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री अभय सिंह, उप संचालक कृषि श्री संग्राम सिंह संबंधित विभिन्न  विभागों  के अधिकारी उपस्थित रहे।

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