एग्रीवेट: IMD Weather Update: सितंबर के आखिरी दिनों में हुई तेज बारिश ने देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल दिया है. खासकर 26 सितंबर को हुई बारिश ने पूरे मॉनसून सीजन के आंकड़ों को काफी प्रभावित किया. इस दिन देश में सामान्य से 162 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जो इस पूरे मॉनसून सीजन में एक दिन में हुई सबसे ज्यादा बारिश रही. वहीं, उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण जान-माल का भी बड़ा नुकसान हुआ.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक सितंबर में अब तक 152.6 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 5 फीसदी कम है. हालांकि महीने के दौरान अलग-अलग दिनों में बारिश में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. रोजाना बारिश सामान्य से 59 फीसदी कम से लेकर 162 फीसदी ज्यादा तक रही. इस बारिश का असर पूरे मॉनसून सीजन के आंकड़ों पर भी पड़ा है. 1 जून से शुरू हुए मॉनसून सीजन में 31 अगस्त तक बारिश सामान्य से 14 फीसदी कम थी. सितंबर की बारिश के बाद यह कमी घटकर 12 फीसदी रह गई है. यानी सितंबर में हुई बारिश ने देश में मॉनसून की कुल कमी को कुछ हद तक कम किया है.
26 सितंबर को हुई भारी बारिश का असर खासतौर पर उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कई हिस्सों में देखने को मिला. इस दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 3,003 फीसदी ज्यादा बारिश हुई. पूर्वी मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 1,580 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 1,537 फीसदी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1,518 फीसदी ज्यादा रहा.
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी एक दिन में भारी बारिश दर्ज की गई. खीरी में 163.9 मिलीमीटर, बांदा में 153.1 मिलीमीटर, बहराइच में 193.1 मिलीमीटर, शाहजहांपुर में 162.1 मिलीमीटर और हमीरपुर में 164.8 मिलीमीटर बारिश हुई. मौसम विभाग ने 26 सितंबर को उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई थी. दक्षिणी उत्तर प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान था.
तेज बारिश और आंधी का सबसे गंभीर असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिला. 25 से 27 सितंबर के बीच बारिश और तूफान से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई. कई जिलों में शहरों से लेकर गांवों तक पानी भर गया. प्रदेश सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 27 सितंबर तक 15 जिलों के 2,415 गांवों में नदी के बाढ़ के पानी से करीब 31,173.50 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ. इससे ग्रामीण इलाकों में खेतों के साथ-साथ कई बस्तियों में भी परेशानी बढ़ गई. हालांकि, उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर अच्छी तरह बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया, जिसके बाद बारिश की स्थिति में कुछ राहत मिली.
भारी बारिश से हुए नुकसान के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मौसम में हो रहे बदलाव को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि एक तरफ कर्नाटक, महाराष्ट्र और कुछ दूसरे राज्य सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं, तो दूसरी तरफ कई इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश से फसलों और लोगों को नुकसान हो रहा है. मौसम का यह असमान मिजाज किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. कहीं बारिश की कमी से फसल प्रभावित हो रही है, तो कहीं कम समय में बहुत ज्यादा पानी गिरने से खेतों में जलभराव और फसल नुकसान की स्थिति बन रही है.