एग्रीवेट: मुनापारी बकरी देश की प्रमुख दुधारू नस्लों में शामिल है और इसे दूध उत्पादन के साथ ब्रीडिंग के लिए भी पाला जाता है. बेहतर नस्ल, संतुलित आहार और वैज्ञानिक तरीके से देखभाल करने पर बकरी पालन से पशुपालक दूध, बकरी के बच्चों और ब्रीडिंग के जरिए आय बढ़ा सकते हैं. केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के पशु चिकित्सक डॉ. वाई के सोनी के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाली जमुनापारी बकरी की कीमत करीब 1 लाख रुपये तक पहुंच सकती है, जबकि खास गुणवत्ता वाली बकरियों की कीमत इससे भी अधिक बताई जाती है. ऐसे में सही प्रबंधन के साथ जमुनापारी बकरी पालन छोटे और बड़े पशुपालकों के लिए आय का जरिया बन सकता है.
पशु चिकित्सक डॉ. वाई के सोनी के अनुसार, जमुनापारी बकरी अपने बड़े शरीर, अच्छे दूध उत्पादन और ब्रीडिंग क्षमता के लिए जानी जाती है. बेहतर नस्ल और अनुकूल परिस्थितियों में एक बकरी से रोजाना 6 लीटर तक दूध उत्पादन का दावा किया जाता है. हालांकि, वास्तविक दूध उत्पादन बकरी की नस्ल, उम्र, स्वास्थ्य, खान-पान और देखभाल पर निर्भर करता है. इसलिए पशुपालकों को केवल अधिक दूध देने वाली बकरी खरीदने के बजाय उसकी नस्ल और स्वास्थ्य की भी जांच करनी चाहिए.
बकरी पालन में कमाई का जरिया सिर्फ दूध नहीं है. अच्छी गुणवत्ता वाली बकरियों से तैयार होने वाले बच्चों की बिक्री और ब्रीडिंग भी आमदनी का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है. बेहतर नस्ल के नर और मादा बकरों का चयन करके पशुपालक अपनी बकरी यूनिट की गुणवत्ता सुधार सकते हैं. जमुनापारी जैसी दुधारू नस्ल में ब्रीडिंग का सही प्रबंधन लंबे समय में फार्म की उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर सकता है.
जमुनापारी बकरी की कीमत उसकी नस्ल, उम्र, वजन, स्वास्थ्य, ब्रीडिंग क्षमता और गुणवत्ता के आधार पर अलग-अलग हो सकती है. अच्छी गुणवत्ता वाली बकरी की कीमत करीब 1 लाख रुपये तक बताई जाती है, जबकि खास नस्ल और बेहतर गुणवत्ता वाले पशुओं की कीमत 5 लाख रुपये तक पहुंचने की बात कही जाती है. हालांकि, हर बकरी की कीमत इतनी अधिक नहीं होती और बाजार भाव क्षेत्र तथा पशु की गुणवत्ता के अनुसार बदलता रहता है. इसलिए बकरी खरीदते समय पशुपालकों को सिर्फ कीमत के बजाय स्वास्थ्य, नस्ल और ब्रीडिंग क्षमता पर ध्यान देना चाहिए. सही नस्ल का चयन, संतुलित आहार, स्वच्छ आवास और नियमित स्वास्थ्य प्रबंधन अपनाकर पशुपालक दूध और ब्रीडिंग दोनों से अपनी आय के अवसर बढ़ा सकते हैं.