जशपुर: मिर्च की खेती से बदली किसान की किस्मत, सरकारी अनुदान की मदद से 1 लाख रुपए पहुंची आय

Team Agrivate
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जशपुर: मिर्च की खेती से बदली किसान की किस्मत, सरकारी अनुदान की मदद से 1 लाख रुपए पहुंची आय

एग्रीवेट: 22 सितंबर 2026, जशपुर: जशपुर: मिर्च की खेती से बदली किसान की किस्मत, सरकारी अनुदान की मदद से 1 लाख रुपए पहुंची आय – प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC-PMKSY 2.0) के तहत किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों, सिंचाई सुविधाओं और जरूरी सहयोग से जोड़ने के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में खेती को बढ़ावा मिल रहा है। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम सन्ना निवासी छोटे किसान महेंद्र कुमार यादव ने शासकीय अनुदान और विभागीय मार्गदर्शन का लाभ लेकर मिर्च की खेती का विस्तार किया। इस वर्ष उन्हें मिर्च उत्पादन से करीब 1 लाख रुपए की शुद्ध आय प्राप्त हुई।

आर्थिक स्थिति कमजोर होने और पूंजी की कमी के कारण महेंद्र पहले केवल 50 डिसमिल भूमि में पारंपरिक तरीके से मिर्च की खेती करते थे। सीमित क्षेत्रफल और अधिक लागत के कारण खेती से होने वाली आय भी कम थी। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत उत्पादन प्रणाली मद में मिर्च की खेती के लिए उन्हें 38 हजार रुपए का अनुदान मिला। अनुदान मिलने के बाद उन्होंने एक एकड़ भूमि लीज पर लेकर उन्नत किस्म की मिर्च की खेती शुरू की। विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन और सिंचाई सुविधा का लाभ लेकर उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाया।

उन्नत खेती, बेहतर सिंचाई प्रबंधन और तकनीकी मार्गदर्शन से इस वर्ष महेंद्र को मिर्च की खेती से करीब 1 लाख रुपए की शुद्ध आय हुई। खेती का क्षेत्रफल बढ़ने के साथ उत्पादन और आय में भी सुधार हुआ, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। महेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पहले पूंजी के अभाव में वे सीमित क्षेत्र में ही मिर्च की खेती कर पाते थे। योजना के तहत मिले अनुदान से उन्हें खेती का विस्तार करने का अवसर मिला। इस वर्ष मिर्च की खेती से करीब एक लाख रुपए की शुद्ध आय प्राप्त हुई है।

महेंद्र कुमार यादव ने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि शासकीय योजनाओं से मिलने वाली सहायता और विभागीय मार्गदर्शन से छोटे किसानों को खेती का विस्तार करने और आय के नए अवसर तलाशने में मदद मिल रही है। महेंद्र की कहानी बताती है कि उचित मार्गदर्शन, सिंचाई सुविधा और समय पर मिलने वाली शासकीय सहायता से छोटे किसान भी पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उन्नत कृषि को अपनी आय का मजबूत आधार बना सकते हैं।

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